9 Grahon Ko Shant Rakhne Ke Upay : कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति बिना किसी खास वजह के लगातार बीमार रहता है। डॉक्टर भी बीमारी की जड़ तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लोग अक्सर ज्योतिष की ओर रुख करते हैं।
9 Grahon Ko Shant Rakhne Ke Upay : कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति बिना किसी खास वजह के लगातार बीमार रहता है। डॉक्टर भी बीमारी की जड़ तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लोग अक्सर ज्योतिष की ओर रुख करते हैं। दरअसल, अगर हमारी कुंडली में मौजूद 9 ग्रहों की स्थिति खराब हो जाए तो इसका हमारे शरीर और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रत्येक ग्रह किसी न किसी बीमारी से संबंध होता है। बता दें कि जब कुंडली में वह ग्रह कमजोर होते हैं तो उसका शरीर पर असर दिखने लगता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक ग्रहों की चाल और स्थिति हमारे स्वास्थ्य पर प्रभावित करता है। इसके साथ ही साथ सोच और जीवन में होने वाली घटनाओं पर भी असर पड़ता है। तो आइए आज इस खबर में जानेंगे कि किस ग्रह के कमजोर होने पर कौन सी बीमारी होती है और साथ ही किन उपायों से उन ग्रहों को शांत किया जा सकता है। 1. सूर्य ग्रह - हृदय और सिर से जुड़ी समस्याएं अगर कुंडली में सूर्य ग्रह खराब हो जाए तो व्यक्ति को आंखों की कमजोरी, सिर दर्द, कान की समस्या, हृदय रोग या हड्डियों में कमजोरी हो सकती है। उपाय: रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं और रविवार को सूर्य स्तोत्र का पाठ करें। सूर्य को मजबूत करने के लिए 12 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 2. चंद्रमा - मन और नींद की समस्या चंद्रमा का मन और भावनाओं पर प्रभाव होता है। यदि यह ग्रह कमजोर है, तो यह मानसिक तनाव, नींद की कमी, चिंता और भावनात्मक असंतुलन का कारण बन सकता है। उपाय: सोमवार को भगवान शिव की पूजा करें और दूध, चावल या चांदी जैसी सफेद चीजें दान करें। चंद्रमा को मजबूत करने के लिए 2 मुखी रुद्राक्ष पहनें 3. मंगल - रक्त और त्वचा की समस्याएं कमजोर मंगल पित्त विकार, फोड़े, त्वचा रोग और अपेंडिसाइटिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और किसी गरीब व्यक्ति को दाल दान करें। मंगल को मजबूत करने के लिए 3 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 4. बुध - वाणी, गले और सोच से जुड़ी समस्याएं यदि बुध कमजोर हो जाता है, तो गले में खराश, नाक से जुड़ी समस्याएं, तर्क करने की क्षमता में कमी और बोलने में कठिनाई हो सकती है। उपाय: बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और गायों को हरी घास खिलाएं। बुध को मजबूत करने के लिए 4 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 5. बृहस्पति - मोटापा, कब्ज और जोड़ों का दर्द
जब बृहस्पति कमजोर होता है, तो व्यक्ति को मोटापा, पाचन संबंधी समस्याएं, जोड़ों का दर्द और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं।
उपाय: गुरुवार को व्रत रखें, भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फल, गुड़ या चने का दान करें।
बृहस्पति को मजबूत करने के लिए 5 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 6. शुक्र - आंतरिक अंगों की समस्याएं
कमजोर शुक्र शरीर के आंतरिक अंगों जैसे किडनी, प्रजनन संबंधी समस्याएं और श्वेत प्रदर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
उपाय: शुक्रवार को इत्र, दही, खीर, चांदी और रंगीन कपड़े दान करें।
शुक्र को मजबूत करने के लिए 6 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 7. शनि - हड्डी और सांस की बीमारी
शनि की खराब स्थिति गठिया, हड्डियों में दर्द, सांस की बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
उपाय: शनिवार को शनि मंदिर जाएं और सरसों का तेल चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनि को मजबूत करने के लिए 7 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 8. राहु - विष और गुप्त रोग
राहु के अशांत होने पर व्यक्ति को बार-बार बुखार, विष जनित रोग, भय और त्वचा संबंधी एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
उपाय: राहु के मंत्र 'ॐ रां राहवे नमः' का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही काले तिल का दान करें।
राहु को मजबूत करने के लिए 8 मुखी रुद्राक्ष पहनें। 9. केतु - पेट और त्वचा संबंधी समस्याएं
केतु के दुष्प्रभाव से पेट की समस्याएं, पाचन संबंधी समस्याएं और त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं।
उपाय: शनिवार के दिन कुत्तों को रोटी खिलाने चाहिए। इसके साथ ही भैरव जी की पूजा करें।
केतु को मजबूत करने के लिए 9 मुखी रुद्राक्ष पहनें। यह भी पढ़ें- Mohini Ekadashi 2025 Upay: मोहिनी एकादशी विशेष, इस शाम करें ये सरल उपाय, मिलेगा चमत्कारी धन लाभ
यह भी पढ़ें- Kedarnath dham history: आज से खुल गया बाबा केदारनाथ का द्वार, जानें मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा