Ganga Dussehra Upay: कुछ ही दिनों में गंगा दशहरा आने वाला है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार बहुत खास महत्व रखता है। मान्यता है कि राजा भगीरथ अपने पूर्वजों का तर्पण करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए अपनी तपस्या से मां गंगा को धरती पर लाए थे।
Ganga Dussehra Upay: कुछ ही दिनों में गंगा दशहरा आने वाला है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार बहुत खास महत्व रखता है। मान्यता है कि राजा भगीरथ अपने पूर्वजों का तर्पण करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए अपनी तपस्या से मां गंगा को धरती पर लाए थे। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। गंगा स्नान के साथ-साथ अगर उस दिन दान किया जाए तो हर मनोकामना पूरी होती है और पितृ भी प्रसन्न होते हैं।
कई लोग ऐसे भी हैं जो गंगा स्नान करने नहीं जा सकते और पितृ तर्पण भी नहीं कर सकते तो ऐसे लोग घर बैठे ही कुछ उपाय अपनाकर अपने पूर्वजों को प्रसन्न कर सकते हैं। कैसे? तो आज इस खबर में जानेंगे कि किस तरह गंगा दशहरा पर पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं।
गंगा दशहरा कब है
इस बार गंगा दशहरा का त्योहार 5 जून को मनाया जाएगा। इस दिन व्यक्ति को गंगा में स्नान कर गंगा पूजन करना चाहिए। इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
इसके साथ ही पितृ तर्पण के लिए यह सबसे शुभ और श्रेष्ठ दिन है, क्योंकि राजा भगीरथ ने पितरों की संतुष्टि के लिए ही मां गंगा को धरती पर लाया था। इस दिन पितृ तर्पण, पिंडदान, दान, श्राद्ध और दीपदान अवश्य करना चाहिए।
कैसे करें पितरों को प्रसन्न
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कई लोग ऐसे होते हैं जो गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान नहीं कर पाते हैं, लेकिन फिर सोचने वाली बात है कि आखिर कैसे अपने पितरों को संतुष्ट कर सकते हैं। बता दें कि जो लोग गंगा दशहरा के दिन स्नान नहीं कर पा रहे हैं और पितृ देवों को प्रसन्न करना चाहते हैं तो ऐसे में ज्योतिष शास्त्र मेंएक उपाय बताया गया है।
सबसे पहले व्यक्ति को उस दिन नहाते समय पानी में गंगा जल मिला लेना चाहिए, फिर स्नान करना चाहिए। काले तिल और सफेद फूलों से पितरों का तर्पण करें और पितृ चालीसा का पाठ करें।
इसके साथ ही शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे पितरों के नाम का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपको घर बैठे ही पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी और पितर प्रसन्न होंगे, जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी और वंश पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह भी पढ़ें- Ganga Dussehra 2025: विष्णुपदी से गंगासागर तक, जानिए मां गंगा को मिले कितने नाम
यह भी पढ़ें- Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी के दिन करें ये शुभ कार्य, घर पर दौड़ी चली आएंगी मां लक्ष्मी