Sawan Ka Pehla Somwar: सावन का पहला सोमवार इस बार शिवभक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिहाज से विशेष महत्व रखने जा रहा है। परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की कठोर तपस्या को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। लाखों भक्त इस दिव्य साधना के साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं।
दक्षिण काली मंदिर में चल रही इस आध्यात्मिक साधना के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में भक्त आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से जुड़कर साधना के प्रत्येक क्षण, रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक संदेशों से सीधे जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। सावन के पहले सोमवार को मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
आराधना का सबसे पवित्र समय
सावन मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। ऐसे शुभ अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की तपस्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।
दिव्य साधना के करें दर्शन
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़कर इस दिव्य साधना के दर्शन करें और शिवभक्ति एवं सनातन संस्कृति के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। सावन के पहले सोमवार पर होने वाली यह साधना हरिद्वार को एक बार फिर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने जा रही है।