Ganesh Chaturthi: गणेश पूजा से जुड़ी सबसे प्रमुख मान्यताओं में से एक तुलसी को लेकर है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता।
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी के दिन पूजा-पाठ के साथ कुछ नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है।
कई बार जानकारी के अभाव में लोग गणपति पूजा के दौरान ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। क्या आपको पता है कि गणेश जी को कौन-सी चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए? गणपति स्थापना के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पर क्या करें और क्या न करें।
गणपति स्थापना से पहले रखें ध्यान
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की प्रतिमा स्थापित करने से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई कर लेनी चाहिए। जिस स्थान पर गणेश जी की स्थापना करनी है, वहां गंगाजल का छिड़काव करके उसे पवित्र किया जा सकता है। पूजा स्थल पर साफ चौकी रखकर उसके ऊपर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाना शुभ माना जाता है। गणपति की प्रतिमा हमेशा साफ और उचित स्थान पर स्थापित करनी चाहिए। प्रतिमा को ऐसे स्थान पर नहीं रखना चाहिए जहां पूजा के दौरान बार-बार आवाजाही हो या जहां भगवान के सामने पैर करके बैठना पड़े।
गणेश जी को जरूर चढ़ाएं दूर्वा
भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि दूर्वा गणपति को बेहद प्रिय है, इसलिए पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। दूर्वा अर्पित करते समय इसे साफ पानी से धोकर ही भगवान को चढ़ाना चाहिए। दूर्वा के साथ फूल, अक्षत और सिंदूर भी अर्पित किए जा सकते हैं।
भूलकर भी न चढ़ाएं तुलसी
गणेश पूजा से जुड़ी सबसे प्रमुख मान्यताओं में से एक तुलसी को लेकर है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता। पौराणिक कथा में गणेश जी और तुलसी से जुड़ा प्रसंग मिलता है, जिसके कारण गणपति पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है, इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को तुलसी की जगह दूर्वा, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करना उचित माना जाता है।
गणेश जी को चढ़ाएं मोदक
भगवान गणेश को मोदक बेहद प्रिय माना जाता है। गणेश चतुर्थी की पूजा में मोदक का भोग लगाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसके अलावा लड्डू और अन्य सात्विक मिठाइयों का भोग भी लगाया जा सकता है। भोग लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि भोजन सात्विक हो और भगवान को अर्पित करने के बाद ही प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाए।
पूजा में साफ-सफाई रखें
गणेश चतुर्थी के दौरान घर और पूजा स्थल की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा की सामग्री साफ होनी चाहिए और भगवान गणेश की प्रतिमा के आसपास गंदगी नहीं होनी चाहिए। पूजा के दौरान मन को शांत रखकर भगवान का ध्यान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणपति की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
गणपति के सामने न करें ये काम
गणेश जी की स्थापना के बाद पूजा स्थल के आसपास जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। पूजा के समय अशुद्ध अवस्था में भगवान की पूजा करने से बचना चाहिए। गणपति के सामने बैठकर ऊंची आवाज में झगड़ा करना, अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना भी उचित नहीं माना जाता। गणेश चतुर्थी के दौरान घर में सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।
चंद्रमा को देखने से जुड़ी मान्यता
गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने को लेकर भी धार्मिक मान्यता प्रचलित है। मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी की रात चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या दोष लग सकता है। इसी वजह से इस दिन चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है।
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गणपति की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को लाल सिंदूर, दूर्वा, फूल, अक्षत और मोदक अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप किया जा सकता है और आरती के बाद परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद बांटना चाहिए। यदि घर में गणपति की स्थापना की गई है तो प्रतिदिन श्रद्धा के साथ पूजा और आरती करनी चाहिए। स्थापना और विसर्जन की परंपरा परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, इसलिए अपनी परंपरा और मान्यता के अनुसार इसका पालन किया जा सकता है।
इन गलतियों से बचें
गणेश चतुर्थी के दिन पूजा में बासी या खराब सामग्री का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भगवान को भोग लगाने से पहले भोजन का स्वाद लेने से भी बचना चाहिए। गणपति की प्रतिमा को सीधे जमीन पर रखने के बजाय चौकी या उचित आसन पर स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा पूजा के दौरान जल्दबाजी करने के बजाय श्रद्धा और शांत मन से पूजा करना बेहतर माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि गणपति पूजा में स्वच्छता, श्रद्धा और सही पूजन सामग्री का ध्यान रखा जाए।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)