Ganesh Chaturthi 2026: भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते समय गणपति अथर्वशीर्ष और गणेश स्तुति का पाठ भी शुभ माना जाता है। यदि पूरी स्तुति का पाठ संभव न हो, तो सरल रूप से गणपति जी के इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहता है। मान्यता है कि बप्पा की विधि-विधान से पूजा करने के साथ यदि स्थापना के समय गणपति के प्रिय मंत्रों का जाप किया जाए, तो पूजा का विशेष फल मिलता है। मंत्र जाप से भगवान गणेश का ध्यान करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की जाती है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना के समय मंत्र जाप का विशेष महत्व माना गया है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजन से करने पर कार्य में आने वाले विघ्न दूर होते हैं, इसलिए गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना के समय भक्त श्रद्धा के साथ गणपति मंत्रों का जाप करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना के दौरान किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं।
बप्पा की स्थापना से पहले करें गणेश जी का ध्यान
गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने से पहले पूजा स्थल को साफ करके वहां चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाएं। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर विराजमान करें। प्रतिमा स्थापित करने के बाद सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
ॐ गं गणपतये नमः
यह भगवान गणेश का प्रमुख मंत्र माना जाता है। पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ इसका जाप करने से मन को एकाग्र करके भगवान गणेश का ध्यान किया जाता है। स्थापना के समय भक्त 11, 21 या अपनी श्रद्धा के अनुसार अधिक बार इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
स्थापना के समय करें इस मंत्र का जाप
भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते समय गणपति अथर्वशीर्ष और गणेश स्तुति का पाठ भी शुभ माना जाता है। यदि पूरी स्तुति का पाठ संभव न हो, तो सरल रूप से गणपति जी के इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
ॐ श्री गणेशाय नमः
इस मंत्र का जाप भगवान गणेश को नमन करने के लिए किया जाता है। स्थापना के समय मंत्र का जाप करते हुए बप्पा का ध्यान करें और उनसे घर-परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करें।
गणपति का आशीर्वाद पाने के लिए करें यह जाप
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभकार्येषु सर्वदा।।
इस मंत्र में भगवान गणेश से सभी शुभ कार्यों को बिना किसी विघ्न के पूरा करने की प्रार्थना की जाती है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना के बाद इस मंत्र का पाठ किया जा सकता है। पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य मिलकर भी इसका जाप कर सकते हैं।
गणेश जी के बीज मंत्र का जाप
भगवान गणेश के बीज मंत्र का भी पूजा में विशेष महत्व बताया गया है।
ॐ गं
गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना के समय इस बीज मंत्र का जाप श्रद्धा के साथ किया जा सकता है। कम शब्दों वाला यह मंत्र आसानी से याद भी किया जा सकता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इसका 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं।
बप्पा को प्रिय है गणपति गायत्री मंत्र
गणेश चतुर्थी की पूजा में गणपति गायत्री मंत्र का जाप भी किया जाता है।
इस मंत्र के जाप में भगवान गणेश के एकदंत और वक्रतुण्ड स्वरूप का ध्यान किया जाता है। स्थापना के समय शांत मन से इसका जाप करने से पूजा में एकाग्रता बनी रहती है।
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मंत्र जाप के बाद करें गणेश जी की पूजा
मंत्र जाप के बाद भगवान गणेश को जल, अक्षत, दूर्वा, फूल और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद बप्पा को मोदक या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रिय भोग लगाएं। गणेश जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। स्थापना के दौरान मंत्र जाप करते समय श्रद्धा और शुद्ध भाव का विशेष ध्यान रखें। यदि सभी मंत्रों का पाठ करना संभव न हो, तो केवल ॐ गं गणपतये नमः का जाप भी श्रद्धा के साथ किया जा सकता है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना के समय इन मंत्रों का जाप कर भक्त भगवान गणेश से सुख, शांति और विघ्नों को दूर करने का आशीर्वाद मांगते हैं।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)