
Durva Ashtami 2025: सनातन धर्म में भाद्रपद मास का विशेष महत्व है। इस माह में कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इस माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। वहीं, शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के अगले दिन राधा अष्टमी मनाई जाती है। इस पावन अवसर पर जगत की देवी राधा रानी की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वरदान पाने के लिए व्रत भी रखा जाता है। सनातन शास्त्रों में वर्णित है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी अवतरित हुई थीं। इसके लिए भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी मनाई जाती है। आइए जानते हैं राधा अष्टमी और दूर्वा अष्टमी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और योग।
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