Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। नवरात्रि के 9 दिनों में दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में व्रत रखने के न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय महत्व भी है। नवरात्रि में व्रत रखने से शरीर शुद्ध होता है।
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। नवरात्रि के 9 दिनों में दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में व्रत रखने के न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय महत्व भी है। नवरात्रि में व्रत रखने से शरीर शुद्ध होता है। इसके साथ ही आत्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। ज्योतिषियों को व्रत रखने से ग्रहों की अशुभता भी कम होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं व्रत और ग्रहों में क्या संबंध है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या है व्रत और ग्रहों के बीच संबंध
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि में व्रत रखकर ग्रहों को शांत किया जाता है। क्योंकि नव ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर सीधा पड़ता है। सूर्य ग्रह- वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव को आत्मबल और सफलता का कारक माना गया है। बता दें कि नवरात्रि में व्रत रखने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। इसके साथ ही व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और नेतृत्व करने की क्षमता में वृद्धि होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य को मजबूत बनाने के लिए गुड़ और लाल फूल अर्पित करना चाहिए। चंद्रमा- चंद्रमा ग्रह को मानसिक शांति के कारक माना गया है। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर रहता है तो चिंता और भावनात्मक अस्थिरता कारण बन जाता है। नवरात्रि के दिनों में दूध, चावल और सफेद मिठाई का भोग अर्पित करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। मंगल ग्रह- मंगल ग्रह को साहस और ऊर्जा का कारक ग्रह माना गया है। जब भी कुंडली में मगंल की स्थिति कमजोर होती है तो व्यक्ति को गुस्सा और अशांति होती है। नवरात्रि में व्रत रखने के साथ ही गुड़ और अनार का सेवन करें। ऐसा करने से कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत होती है। बुध ग्रह- बुध ग्रह को बुद्धि और संवाद क्षमता का कारक ग्रह माना गया है। बता दें कि जब भी कुंडली में बुध की स्थिति कमजोर होती है तो व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित होती है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान हरे रंग की चीजें जैसे पान या मूंग अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से बुध ग्रह मजबूत हो जाता है। गुरु ग्रह- वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु ग्रह को ज्ञान और समृद्धि का कारक ग्रह माना गया है। बता दें कि जब भी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर होती है तो उस दौरान व्यक्ति के जीवन में कई तरह की बाधाएं आने लगती है। इसलिए नवरात्रि के दिनों में पीली वस्तुएं दान करनी चाहिए। ऐसा करने से गुरु ग्रह की कृपा बनती है। यह भी पढ़ें- Navratri 2025 Day 2 Puja: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में दूसरे दिन लगाएं ये भोग, जानें देवी का प्रिय रंग शुक्र ग्रह- ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र ग्रह को सुख-समृद्धि और ऐशो-आराम के कारक ग्रह माना गया है। बता दें कि कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति कमजोर होने से वैवाहिक और आर्थिक समस्याएं होने लगती है। ऐसे में आपको सफेद फूल और मिश्री का भोग अर्पित करना चाहिए। इस उपाय से शुक्र मजबूत होता है। शनि ग्रह- शनि ग्रह को न्याय और कर्मफल के दाता ग्रह माना गया है। बता दें कि कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर होने से व्यक्ति को कई तरह की कठिनाइयां आने लगती है। इसलिए शनि को प्रसन्न करने के लिए काले तिल और सरसों के तेल का दान करना चाहिए। इससे शनि शांत होते हैं। राहु ग्रह- राहु को भ्रम और नकारात्मकता का कारक माना गया है। बता दें कि इस राहु को मजबूत करने के लिए नवरात्रि में नारियल और नीले फूल अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से राहु का प्रभाव कम होता है। केतु ग्रह- केतु ग्रह को आध्यात्मिक और संयम का कारक माना गया है। बता दें कि कुंडली में जब केतु कमजोर होता है तो जीवन में अस्थिरता लाता है। नवरात्रि के दौरान तुलसी और धूप-दीप का प्रयोग करने से केतु ग्रह शांत हो जाता है। साथ ही कुंडली में मजबूत भी होता है। यह भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें पूजा की संपूर्ण विधि और मंत्र
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