Bhoot Chaturdashi 2026 : भूत चतुर्दशी हिंदू धर्म में काफी धार्मिक महत्व रखने वाला एक त्योहार है। इसे काली पूजा के साथ मनाया जाता है
Bhoot Chaturdashi 2026 : भूत चतुर्दशी हिंदू धर्म में काफी धार्मिक महत्व रखने वाला एक त्योहार है। इसे काली पूजा के साथ मनाया जाता है, खासकर पश्चिम बंगाल और बिहार राज्यों में। इस दिन घर में 14 दीपक जलाने की परंपरा है माना जाता है कि ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। इसके साथ ही, यह अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी एक तरीका है। आइए जानते हैं कि 2026 में भूत चतुर्दशी कब है, दीपक जलाने का शुभ समय क्या है, पूजा-पाठ की विधि क्या है और इस त्योहार से जुड़ी मुख्य परंपराएं क्या हैं।
2026 में भूत चतुर्दशी कब है?
साल 2026 में, चतुर्दशी तिथि शनिवार, 7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे शुरू होगी और रविवार, 8 नवंबर को सुबह 11:28 बजे समाप्त होगी। यह त्योहार 7 नवंबर को मनाया जाएगा।
2026 में भूत चतुर्दशी पर दीपक जलाने का शुभ समय
भूत चतुर्दशी की शाम को दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के समय घर में दीपक जलाने और पूजा करने की परंपरा है। चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर 2026 को सुबह 10:48 बजे शुरू होकर 8 नवंबर 2026 को सुबह 11:28 बजे समाप्त होगी। इस दिन सूर्यास्त के समय शाम 5:32 बजे से लेकर प्रदोष काल के अंत तक दीपक जलाए जा सकते हैं।
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14 दीपक जलाने के पीछे क्या परंपरा है?
भूत चतुर्दशी पर 14 दीपक जलाने की परंपरा है। बंगाली समुदाय में इसे 'चौद्द प्रदीप' कहा जाता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और घर के अलग-अलग कोनों में 14 दीपक रखे जाते हैं। माना जाता है कि ये दीपक पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम हैं और घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करते हैं। यह भी माना जाता है कि ये 14 दीपक चौदह पीढ़ियों तक के पूर्वजों की याद में जलाए जाते हैं।
भूत चतुर्दशी की पूजा-विधि
भूत चतुर्दशी पर पूजा करने के लिए, सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद, घर में पूजा के स्थान को साफ करें और देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाएं।
शाम को 'प्रदोष काल' के समय, सरसों के तेल या घी का उपयोग करके दीपक जलाएं। घर में अलग-अलग जगहों पर ऐसे 14 दीपक रखें।
दीपक जलाने से पहले, उनकी विधिवत पूजा करें।
इसके बाद अपने परिवार की खुशी, समृद्धि, शांति और सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। यह भी पढ़ें
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)