।। विष्णु जी का भजन - Lord Vishnu Bhajan ।।
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम, कैसे उनका करूँ गुणगान
(Aisa Hai Meri Shree Hari Ka Naam Kaise Unka Karu Gungan)
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
कैसे उनका करूँ गुणगान
बाकी कोई न करुणानिधान
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
निष्छल भक्ति तेरी हरदम होती है
लेते हैं जब परीक्षा तब तब रोती है
ग्राह गज की कथा में कहा है
गज की प्रभु ने बचाई है जान
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
तेरी ही इक कृपा से प्रह्लाद बनते हैं
ध्रव सा महा तपस्वी तेरा नाम जपते हैं
जिनको विपदा से तुमने उबारा
दे दिया उनको अपना ही धाम
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
एक बार में भी उपकार करते हैं
निर्धन विप्र सुदामा के भंडार भरते हैं
द्रोपदी की बचाई थी लाज
उनको ही है मेरा प्रणाम
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
जूठे बेर खाकर संदेश देते हैं
केवट का भी कहना कैसे मान लेते हैं
शिल की तारी थी तुमने अहिल्या
सबके पूरे हुए अरमान
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम