Bhagwan Krishna ka bhajan: सनातन धर्म में भगवान कृष्ण की पूजा को बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घनश्याम की पूजा करने से भक्त के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही प्रेम संबंधों या वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियां भी दूर होती हैं। भगवान कृष्ण की पूजा के लिए उनके जन्मदिन यानी जन्माष्टमी या गुरुवार का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान कृष्ण की पूजा करने की प्राथमिक विधि में "हरे कृष्ण" मंत्र का जाप करके भक्ति अर्पित करना, दैनिक अनुष्ठान जैसे प्रार्थना, अभिषेक (देवता को स्नान कराना), मूर्ति को फूलों और वस्त्रों से सजाना, तथा भगवद् गीता के श्लोकों का पाठ करना शामिल है, तथा साथ ही कृष्ण के प्रति प्रेमपूर्ण और समर्पित रवैया विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है; मुख्य जोर सख्त अनुष्ठानों के बजाय सच्ची भक्ति पर है।
मेरा छोटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार,
हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,
मेरी नैया पार लगा जाओ,
मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार ॥
लाखो को दरश दिखाया है,
प्रभु मुझको क्यों तरसाया है,
ये कैसी तुम्हारी माया है,
नित बहती है असुवन धार,
नित बहती है असुवन धार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार ॥
जब याद तुम्हारी आती है,
तन मन की सुध बिसराती है,
रह रह के मुझे तड़पाती है,
तन मन धन दूँ सब वार,
तन मन धन दूँ सब वार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार ॥
मुझको बिछड़े युग बीत गए,
क्यों रूठ प्रभु मेरे मीत गए,
मैं हार गया तुम जीत गए,
अब दर्शन दो साकार,
अब दर्शन दो साकार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार ॥
मेरा छोटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार,
हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,
मेरी नैया पार लगा जाओ,
मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार ॥