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Badrinath Mandir Rahasya: कैसे पड़ा बद्रीनाथ का नाम, जानें इस धाम से जुड़े रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Badrinath Mandir Rahasya: बद्रीनाथ को भगवान विष्णु का निवास स्थान माना जाता है। इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं, आइए जानते हैं बद्रीनाथ धाम से जुड़े खास रहस्यों के बारे में।

Badrinath Mandir Rahasya
Badrinath Mandir Rahasya: बद्रीनाथ को भगवान विष्णु का निवास स्थान माना जाता है। इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं, आइए जानते हैं बद्रीनाथ धाम से जुड़े खास रहस्यों के बारे में।

कैसे पड़ा बद्रीनाथ का नाम

बद्रीनाथ को ब्रह्मांड का वैकुंठ कहा जाता है, जहां भगवान विष्णु 6 महीने शयन करते हैं और 6 महीने जागते हैं। एक बार जब भगवान विष्णु ध्यान में लीन थे, तो बर्फबारी के कारण वे पूरी तरह बर्फ से ढक गए थे। माता लक्ष्मी चिंतित हो गईं, तब उन्होंने भगवान विष्णु के पास एक बेर के पेड़ का रूप धारण कर लिया।

जब श्री हरि की तपस्या पूरी हुई, तो उन्होंने माता को एक वृक्ष के रूप में बर्फ से ढका हुआ पाया। आपने बद्री वृक्ष के रूप में मेरी रक्षा की है। तब उन्होंने कहा कि आज से मुझे बद्रीनाथ के नाम से जाना जाएगा। तभी से इस तरह भगवान विष्णु का नाम बद्रीनाथ नाम पड़ा।

कपाट बंद होने के बाद भी जलता है दीपक

यहां शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद करने से पहले एक अखंड दीपक जलाया जाता है। जो ज्ञान की अखंड ज्योति का प्रतीक है। कहते हैं कि कपाट खुलने पर भी यह दीपक ज्यों का त्यों जलता रहता है, जबकि कपाट बंद होने के बाद मंदिर में कोई नहीं जाता। यह रहस्य आज भी बना हुआ है।

नर-नारायण पर्वत के बीच स्थित है बद्रीनाथ

बद्रीनाथ धाम नर-नारायण पर्वत के बीच स्थित है। कहा जाता है कि जब ये दोनों पर्व मिलेंगे तो बद्रीनाथ का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा और श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। यह धाम लुप्त हो जाएगा। इसके बाद वर्षों बाद भविष्य बद्री नाम से एक नया तीर्थ उभरेगा।

बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु की तपस्थली है। एक मान्यता के अनुसार एक बार जब भगवान विष्णु ने यहां तपस्या की थी तो शंख बजाने से देवताओं का ध्यान भंग हो सकता था, इसलिए इस स्थान को शांत क्षेत्र माना गया और यहां शंख बजाना वर्जित कर दिया गया। वैज्ञानिक तर्क से देखें तो यह एक पहाड़ी क्षेत्र है, यहां शंख बजाने से पहाड़ से बर्फ और पत्थर गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

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