facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  bada mangal 2025 when is bada mangal know auspicious date importance and mantra

Bada Mangal 2025 : कब है बड़ा मंगल, जानें शुभ तिथि, महत्व और मंत्र

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Bada Mangal 2025 : ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं। इन मंगलवार को हनुमान मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

Bada Mangal 2025
Bada Mangal 2025 : ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं। इन मंगलवार को हनुमान मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता के अनुसार इस दिन हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है। ये सभी मंगलवार हनुमान जी को समर्पित होते हैं। इसे उत्तर भारत में खास तौर पर उत्तर प्रदेश के मध्य भाग पूर्वांचल में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

बड़ा मंगल कब है

ज्येष्ठ माह में बुढ़वा मंगल के पांच त्योहार आते हैं। इन दिनों लोग हनुमान जी की पूजा अर्चना के साथ ही भोजन और प्रसाद बांटते हैं। आइए आपको बताते हैं इनकी तिथियां।

पहला बुढ़वा मंगल: 13 मई 2025, मंगलवार
दूसरा बुढ़वा मंगल: 20 मई 2025, मंगलवार
तीसरा बुढ़वा मंगल: 27 मई 2025, मंगलवार
चौथा बुढ़वा मंगल: 2 जून 2025, मंगलवार
पांचवां बुढ़वा मंगल: 10 जून 2025, मंगलवार

बड़ा मंगल का महत्व

श्री राम के परम भक्त हनुमान जी के भक्तों के लिए यह त्योहार विशेष महत्व रखता है। हनुमान जी को श्री राम की कृपा पाने का एकमात्र जरिया माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी अपने भक्तों को बुरी शक्तियों और अकाल मृत्यु से बचाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की पूजा करने से मंगल और शनि ग्रह की शांति होती है। ऐसा माना जाता है कि बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने से वे अपने भक्तों पर अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाए रखते हैं।

बुढ़वा मंगल पर पूजा

बुढ़वा मंगल पर अपने आस-पास स्थित किसी भी राम दरबार या हनुमान मंदिर में बजरंगबली की आरती, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य बढ़ाने के लिए बुढ़वा मंगल के दिन इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।

मंत्र:

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमाप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

बड़ा मंगल का प्राचीन महत्व

शास्त्रों के अनुसार जिस दिन भगवान श्री राम माता सीता की खोज में दर-दर भटकते हुए हनुमान जी से मिले थे उस दिन ज्येष्ठ माह का मंगलवार था।

यह भी पढ़ें- Vinayak Chaturthi 2025: वैशाख मास की विनायक चतुर्थी है विशेष, जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ

यह भी पढ़ें- Sita Navami 2025: 4 या 5 मई! कब रखा जाएगा सीता नवमी व्रत? जानें तिथि और पूजा विधि

 

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel