विज्ञापन
Home  dharm  aarti  om jai shiv omkara aarti lyrics kaise karein bhagwan shiv ki aarti aur paayen shiv blessings

Lord Shiva Aarti Lyrics: भगवान शिव की आरती लिरिक्स , ॐ जय शिव ओंकारा || Om Jai Shiv Omkara

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
साक्षी
सार

Lord Shiva Aarti: मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन भगवान शिव की विशेष आरती करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शनि की साढ़ेसाती व दशा का प्रभाव कम होता है। आप भी इस दिन भगवान शिव की पूजा के दौरान नीचे दी गई आरती करें...
 

Lord Shiva Aarti Lyrics In Hindi
Lord Shiva Aarti Lyrics In Hindi: 4 अक्टूबर 2025 को पड़ने वाला शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। यह पवित्र दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाएगा, जब भक्त निर्जला व्रत रखकर शिव परिवार की पूजा करते हैं। मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन भगवान शिव की विशेष आरती करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शनि की साढ़ेसाती व दशा का प्रभाव कम होता है। आप भी इस दिन भगवान शिव की पूजा के दौरान नीचे दी गई आरती करें...

भगवान शिव की आरती
(Bhagwan Shiv Ki Aarti)


जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥
 
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥
 
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥
 
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥
 
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥
 
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥
 
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel