Kali Mata Ki Aarti:"अम्बे तू है जगदम्बे काली" यह आरती माँ दुर्गा की भक्ति का एक अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली रूप है। यह आरती न केवल माँ दुर्गा की महानता का वर्णन करती है,
Kali Mata Ki Aarti:"अम्बे तू है जगदम्बे काली" यह आरती माँ दुर्गा की भक्ति का एक अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली रूप है। यह आरती न केवल माँ दुर्गा की महानता का वर्णन करती है, बल्कि भक्तों के मन में भी एक विशेष आस्था और श्रद्धा जगाती है। यह आरती माँ दुर्गा की विभिन्न रूपों में स्तुति करती है। माँ दुर्गा को शक्ति, ज्ञान, और मोक्ष की देवी माना जाता है। इस आरती के माध्यम से भक्त माँ दुर्गा की शक्ति और कृपा को प्राप्त करने की कामना करते हैं।यह आरती भक्तों के मन में माँ दुर्गा के प्रति भक्ति भावना को जागृत करती है। आरती के मंत्रों का उच्चारण करते समय भक्त माँ दुर्गा की उपस्थिति को महसूस करते हैं और उनके साथ एक आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।
।। अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली।।
Kali Mata Ki Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे कली, जय दुर्गे खरपरा वाली,
तेरे ही गुण गावें भरती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी।
दानव दल पर तू ही पड़ो मा, करके सिंह सवारी।
सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्टभुजाओं वाली,
दुष्टों को तू ही ललकारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता।
पुत्र-कपुत्र सुने हैं पर न माता सुनी कुमाता।
सभा पे करुणा दर्शने वाली, अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
नहीं मांगते धन और दौलत, न चंडी न सोना।
हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना।
सभा की बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को संवरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
चरण शरन में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सर पर रख दो मा, संकट हरने वाली।
माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्टभुजाओं वाली,
भक्तों के करज तू ही सरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
इस आरती का विशेष महत्व:
नवरात्रि: यह आरती नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से गाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है और इस आरती का गायन इन पूजाओं का एक अभिन्न हिस्सा होता है।
संकट मोचन: माँ दुर्गा को संकट मोचन के रूप में भी जाना जाता है। जब भक्त किसी संकट में होते हैं, तो वे इस आरती का गायन करके माँ दुर्गा से रक्षा और मार्गदर्शन की प्रार्थना करते हैं