facebook pixel
विज्ञापन
Home  astrology  vastu  vastu rules sote samay samne dikhta hai aaina to ho jaye savdhan janiye bed ke samne sheesha lgaane ka niyam

Vastu Rules: सोते समय सामने दिखता है आईना तो हो जाएं सावधान! जानें बेड के सामने शीशा लगाने का वास्तु नियम

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Vastu Rules: वास्तु शास्त्र में शयनकक्ष को आराम और मानसिक शांति से जुड़ा स्थान माना गया है। वहीं, आईने को प्रकाश और ऊर्जा को परावर्तित करने वाली वस्तु माना जाता है।

Vastu Rules
Vastu Rules: घर को सजाने के लिए आईना यानी शीशा लगाना आजकल आम बात है। खासकर बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल या बड़ी मिरर वाली अलमारी रखना लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बेड के ठीक सामने लगा आईना वास्तु के हिसाब से सही है या नहीं? वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से और वहां रखी चीजों की एक निश्चित दिशा और स्थिति बताई गई है। इसी तरह शयनकक्ष में आईना लगाने को लेकर भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि सोते समय अगर व्यक्ति का प्रतिबिंब आईने में दिखाई देता रहे तो इसका असर कमरे की ऊर्जा और व्यक्ति की नींद पर पड़ सकता है, तो आखिर बेड के सामने आईना क्यों नहीं लगाना चाहिए और अगर पहले से लगा है तो क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं वास्तु के ये जरूरी नियम...
 

बेड के सामने आईना लगाने से क्यों बचना चाहिए?

वास्तु शास्त्र में शयनकक्ष को आराम और मानसिक शांति से जुड़ा स्थान माना गया है। वहीं, आईने को प्रकाश और ऊर्जा को परावर्तित करने वाली वस्तु माना जाता है, इसलिए वास्तु के अनुसार बेड के ठीक सामने आईना लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि रात के समय सोते हुए व्यक्ति का प्रतिबिंब अगर बार-बार आईने में दिखाई देता रहे तो इससे कमरे का संतुलन प्रभावित हो सकता है। खासतौर पर जब व्यक्ति की नींद खुलती है और अचानक उसे सामने अपना प्रतिबिंब दिखाई देता है, तो मन में बेचैनी या डर जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

वास्तु में आईने का संबंध किससे माना जाता है?
वास्तु के अनुसार आईना कमरे में मौजूद ऊर्जा को प्रतिबिंबित करता है। इसलिए इसे लगाने की जगह का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना गया है। गलत दिशा या गलत स्थान पर रखा गया आईना घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, ऐसी वास्तु मान्यता है। शयनकक्ष में आईना लगाने को लेकर विशेष सावधानी इसलिए बताई जाती है क्योंकि यह घर का वह स्थान है जहां व्यक्ति दिनभर की थकान के बाद आराम करता है। ऐसे में आईने की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि सोते समय उसमें बेड या व्यक्ति का प्रतिबिंब दिखाई न दे।

बेड के सामने शीशा होने से क्या होता है?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, बेड के सामने आईना होने से व्यक्ति के शरीर और मन को मिलने वाला आराम प्रभावित हो सकता है। रात में आईने से आने वाला हल्का प्रकाश, कमरे की गतिविधियों का प्रतिबिंब या अचानक दिखाई देने वाली परछाईं नींद में खलल डाल सकती है। कई बार अंधेरे कमरे में अचानक नींद खुलने पर सामने आईने में अपना ही प्रतिबिंब दिखाई देने से व्यक्ति घबरा सकता है। हालांकि यह एक सामान्य मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया भी हो सकती है, लेकिन वास्तु में इसे शयनकक्ष के लिए उचित स्थिति नहीं माना जाता।

बेड के सामने आईना लगा है तो क्या करें?

अगर आपके कमरे में बेड के ठीक सामने आईना लगा हुआ है और उसे हटाना संभव नहीं है, तो वास्तु के अनुसार उसे ढककर रखा जा सकता है। रात में सोते समय आईने पर पर्दा डालने या किसी कपड़े से उसे ढकने की सलाह दी जाती है। इससे सोते समय बेड और उसमें सो रहे व्यक्ति का प्रतिबिंब आईने में दिखाई नहीं देगा। सुबह उठने के बाद जरूरत के अनुसार आईने को खोला जा सकता है।

बेड के सामने ड्रेसिंग टेबल हो तो क्या करें?

कई घरों में ड्रेसिंग टेबल बेड के सामने रखी होती है और उसमें लगा बड़ा आईना सीधे बेड की तरफ होता है। वास्तु के अनुसार ऐसी स्थिति से बचना बेहतर माना जाता है। अगर ड्रेसिंग टेबल को दूसरी जगह रखना संभव नहीं है, तो सोते समय उसके आईने को ढक देना एक आसान उपाय माना जाता है। इसके अलावा ऐसी ड्रेसिंग टेबल चुनी जा सकती है।


यह भी पढ़ें:-

Yoga Benefits: रोजाना क्यों करना चाहिए योग? जानें कैसे शरीर, मन और जीवनशैली को मिलते हैं बड़े फायदे

Yoga Beginners Tips: योगासन करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

Health Benefits Of Yoga: योग के शारीरिक स्वास्थ्य लाभ क्या हैं? जानिए इसके प्रभाव 


(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel