Ekadashi Katha: सभी व्रतों और उपवासों में से, एकादशी व्रत सभी गृहस्थों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी है। उपवास का उद्देश्य शांति और आनंद का अनुभव करना है। कम खाने से मन और शरीर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाते हैं। एकादशी, हिंदू कैलेंडर (पंचांग) के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष का ग्यारहवाँ चंद्र दिवस है। हिंदू और जैन धर्म में इसे आध्यात्मिक रूप से लाभकारी दिन माना जाता है। शास्त्रों में एकादशी से एक दिन पहले सूर्यास्त से लेकर अगले दिन सूर्योदय के 48 मिनट बाद तक निर्जल व्रत रखने की सलाह दी गई है।
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