"रामराज्य" केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में आदर्श शासन, न्याय, समृद्धि और मर्यादा का प्रतीक है। जब भी किसी ऐसे समाज या राज्य की कल्पना की जाती है जहां हर व्यक्ति सुखी हो, न्याय सबको समान रूप से मिले और शासन जनता के कल्याण के लिए समर्पित हो, तब सबसे पहले रामराज्य का नाम लिया जाता है। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने जिस शासन व्यवस्था की स्थापना की थी, वह हजारों वर्षों बाद भी आदर्श मानी जाती है।
श्रीराम राज्य महोत्सव के अवसर पर यह जानना बेहद रोचक है कि आखिर वह रामराज्य कितना विशाल था और उसकी सीमाएं कहां तक फैली हुई थीं।
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