facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  vrat›  karwa chauth 2026 par kaise kare puja janiye thali sajane se lekar chandra ko ardhya dene ki puri vidhi

Karwa Chauth 2026: करवाचौथ पर कैसे करें पूजा? जानें थाली सजाने से लेकर चंद्रमा को अर्घ्य देने तक की पूरी विधि

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Karwa Chauth 2026: करवाचौथ की पूजा में थाली का विशेष महत्व होता है। पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, फूल, दीपक, धूप, मिठाई, फल और दक्षिणा रखें। 

Karwa Chauth 2026:
Karwa Chauth 2026: करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। करवाचौथ की पूजा में सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को करवा माता की पूजा करने और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने तक कई परंपराएं निभाई जाती हैं। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में अक्सर सवाल आता है कि करवाचौथ की पूजा किस तरह करनी चाहिए, पूजा की थाली में कौन-कौन सी चीजें रखनी चाहिए और चंद्रमा को अर्घ्य देने का सही तरीका क्या है? आइए जानते हैं करवाचौथ की पूजा की संपूर्ण विधि...

करवाचौथ की पूजा के लिए क्या करें तैयारी?

करवाचौथ के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूरे दिन श्रद्धा के साथ व्रत रखें। शाम की पूजा के लिए घर के मंदिर या किसी साफ स्थान पर चौकी लगाएं। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की जगह को साफ रखें और सभी पूजन सामग्री पहले से एकत्र कर लें, ताकि पूजा के समय किसी चीज की कमी न हो।

करवाचौथ की पूजा थाली कैसे सजाएं?

करवाचौथ की पूजा में थाली का विशेष महत्व होता है। पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, फूल, दीपक, धूप, मिठाई, फल और दक्षिणा रखें। इसके साथ करवा यानी मिट्टी या धातु का पात्र, उसमें भरने के लिए जल और चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए एक लोटा भी तैयार रखें। इसके साथ ही कई जगह छलनी, दीपक और पूजा के लिए विशेष करवा रखने की परंपरा होती है। थाली में पूजन सामग्री व्यवस्थित तरीके से सजाएं, ताकि पूजा करते समय सभी चीजें आसानी से मिल सकें। 

करवा माता की पूजा कैसे करें?

शाम के समय शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करके पूजा का आरंभ करें। इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करें। देवी-देवताओं को रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें तथा दीपक जलाएं। करवा में जल भरकर उसे पूजा में रखें और अपनी श्रद्धा के अनुसार फल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित करें। पूजा के दौरान पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करें।

करवाचौथ की कथा और आरती का महत्व

करवाचौथ की पूजा में व्रत कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। कथा सुनते समय महिलाएं अपनी पूजा की थाली और करवा पास में रखती हैं। पारंपरिक रूप से करवा चौथ की कथा में एक पतिव्रता स्त्री के संकल्प, श्रद्धा और व्रत के महत्व का वर्णन मिलता है। कथा पूरी होने के बाद करवा माता और भगवान शिव-पार्वती की आरती करें। कई जगह महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती हैं और पूजा के बाद एक-दूसरे को सुहाग की सामग्री देती हैं। पूजा के दौरान अपने परिवार की परंपराओं का पालन करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

करवा बदलने की परंपरा कैसे निभाएं?

कई क्षेत्रों में करवाचौथ पर करवा बदलने की परंपरा निभाई जाती है। इसमें महिलाएं पूजा के दौरान अपनी सास या परिवार की किसी बड़ी महिला को करवा, मिठाई, फल और सुहाग की सामग्री भेंट करती हैं। कुछ परिवारों में महिलाएं आपस में करवा बदलते हुए करवाचौथ की शुभकामनाएं देती हैं। 

चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

करवाचौथ की पूजा में चंद्रमा के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। रात में चंद्रोदय होने पर सबसे पहले चंद्रमा को प्रणाम करें। इसके बाद एक लोटे में जल लेकर उसमें अक्षत या फूल डाल सकते हैं और श्रद्धापूर्वक चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें। कई जगह चंद्रमा को जल चढ़ाने के बाद छलनी से उनके दर्शन करने और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है।

पति के हाथों से जल पीकर खोलें व्रत

चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा पूरी करने के बाद महिलाएं अपने पति के हाथों से जल पीकर व्रत खोलती हैं। इसके बाद मिठाई या भोजन ग्रहण किया जाता है। कई परिवारों में पति पत्नी को जल पिलाते हैं और फिर दोनों परिवार के साथ भोजन करते हैं। करवाचौथ की पूजा में श्रद्धा, संकल्प और परिवार की परंपराओं के अनुसार विधि का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

यह भी पढ़ें:- 

Karwa Chauth : करवा चौथ पर छलनी से क्यों देखा जाता है चांद, जानिए धार्मिक महत्व 

Karwa Chauth: करवा चौथ पर सरगी में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए? जानिए धार्मिक महत्व 

Karwa Chauth 2026: पहली बार रख रही हैं करवाचौथ का व्रत? तो इन नियमों का रखें ध्यान 
 
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel