facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  vrat  amalaki ekadashi 2025 know paran time paran rules and what to eat and what to avoid

Amalaki Ekadashi Vrat 2025: आमलकी एकादशी का व्रत खोलते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? जानिए

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
निधि
सार

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. दशमी से शुरू होने वाले इस व्रत का पारण द्वादशी के दिन किया जाता है. एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व है.

Amalaki Ekadashi Vrat 2025
Amalaki Ekadashi Vrat 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. दशमी से शुरू होने वाले इस व्रत का पारण द्वादशी के दिन किया जाता है. एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत खोलते समय चावल अवश्य खाना चाहिए. व्रत खोलते समय भूलकर भी तामसिक चीजों का प्रयोग न करें.

अगर एकादशी व्रत के नियमों का पूरी तरह से पालन न किया जाए तो व्रत का पूरा लाभ नहीं मिलता है. व्रत खोलते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए, इसकी सही जानकारी होनी चाहिए. मान्यता है कि व्रत के पारण में कुछ खास चीजों का प्रयोग करने से ही व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है. आइए जानते हैं.

व्रत खोलने का सही समय-

11 मार्च को पारण (व्रत तोड़ने) का समय – सुबह 06:35 बजे से 08:13 बजे तक
पारण तिथि पर द्वादशी समाप्त होने का समय – सुबह 08:13 बजे
एकादशी तिथि प्रारम्भ – मार्च 09, 2025 को सुबह 07:45 बजे
एकादशी तिथि समाप्त – मार्च 10, 2025 को सुबह 07:44 बजे

क्या खाएं.

1. एकादशी व्रत में तुलसी के पत्ते का होना बहुत जरूरी है. मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है। अगर उनकी पूजा में तुलसी को शामिल न किया जाए तो वे प्रसाद स्वीकार नहीं करते हैं। तुलसी के पत्तों को मुंह में डालकर आप एकादशी का व्रत खोल सकते हैं।

2- एकादशी व्रत में आंवले का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि आंवले के पेड़ पर भगवान विष्णु का वास होता है। मान्यता है कि अगर आंवला खाकर एकादशी व्रत खोला जाए तो अखंड सौभाग्य, आरोग्य और संतान का सुख प्राप्त होता है।

3- मान्यता है कि एकादशी व्रत का पारण चावल खाकर करना चाहिए। एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है, लेकिन द्वादशी के दिन चावल जरूर खाना चाहिए। द्वादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति को रेंगने वाले जीव की योनि से मुक्ति मिलती है।

4- व्रत खोलने के लिए खाने में घी का इस्तेमाल करें। शुद्ध गाय के घी से ही व्रत खोलें।

क्या न खाएं-

एकादशी व्रत खोलते समय भूलकर भी ये चीजें नहीं खानी चाहिए। व्रत खोलने में मूली, बैंगन, साग, दाल, लहसुन-प्याज आदि का प्रयोग वर्जित है। बैंगन पित्त दोष को बढ़ाता है। दाल को अशुद्ध माना जाता है। मूली की तासीर ठंडी होती है, इसलिए व्रत के तुरंत बाद इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। लहसुन-प्याज तामसिक भोजन है।

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel