facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  tambe ke kalash why kalawa tied on copper kalash know secret and importance behind it

Tambe Ke Kalash: आखिर तांबे के कलश पर क्यों बांधा जाता है कलावा, जानें इसके पीछे का रहस्य व महत्व

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Tambe Ke Kalash: सनातन धर्म में कलावा बांधना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, आपने देखा होगा कि किसी भी शुभ कार्य, पूजा, हवन से पहले कलाई पर कलावा बांधने का नियम है। इसे रक्षासूत्र कहा जाता है, पेड़-पौधे और पवित्र वस्तुओं पर भी कलावा बांधने का नियम है।

Tambe Ke Kalash
Tambe Ke Kalash: सनातन धर्म में कलावा बांधना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, आपने देखा होगा कि किसी भी शुभ कार्य, पूजा, हवन से पहले कलाई पर कलावा बांधने का नियम है। इसे रक्षासूत्र कहा जाता है, पेड़-पौधे और पवित्र वस्तुओं पर भी कलावा बांधने का नियम है। कलावा पूजन से पहले तांबे के कलश पर भी कलावा यानी रक्षासूत्र बांधा जाता है। क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है?

तांबे के लोटे से चढ़ाया जाता है जल

सनातन मान्यताओं में तांबे को सबसे पवित्र धातुओं में से एक माना जाता है, शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाने का भी नियम है। इसके अलावा सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भी तांबे के लोटे का इस्तेमाल किया जाता है, इसके अलावा जब घर में पूजा-पाठ किया जाता है, तब भी तांबे का कलश स्थापित किया जाता है।

इसलिए तांबे के लोटे पर कलावा बांधा जाता है

तांबे की एक खास बात यह है कि यह धातु जितनी जल्दी अशुद्ध होती है, उतनी ही जल्दी शुद्ध भी हो जाती है। इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए तांबे के लोटे पर कलावा बांधा जाता है।

कलावा बांधने से उसमें नौ ग्रहों का वास होता है

पौराणिक दस्तावेजों की मानें तो तांबे के बर्तन पर कलावा बांधने से उस बर्तन में नौ ग्रहों का वास होता है, उन सभी ग्रहों की शुभता समाहित होती है और सकारात्मकता फैलती है। आसपास की नकारात्मक ऊर्जा और पूजा-पाठ और ग्रहों से जुड़ा कोई भी दोष जल्दी दूर होता है।

कलावा बांधने से पूजा-पाठ में शक्ति मिलती है

तांबे के बर्तन पर कलावा बांधने का एक खास कारण यह भी है कि इससे पूजा-पाठ में शक्ति मिलती है। अगर पूजा-पाठ के दौरान कोई गलती हो भी जाए तो व्यक्ति को किसी भी तरह का दोष नहीं लगता।

यह भी पढ़ें- Importance of Gotra: क्यों जरूरी है गोत्र जानना? जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

यह भी पढ़ें- Brahmacharya for Energy: क्या है ब्रह्मचर्य? जानिए इसके पालन से मिलने वाले लाभ और संभावित हानियां

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel