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Sharadiya Navratri: शारदीय नवरात्रि में नए घर में गृह प्रवेश करना चाहिए या नहीं, जाने नियम और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Griha Pravesh: गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में भी सभी तिथियां गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। 

Griha Pravesh
Griha Pravesh during Navratri: शारदीय नवरात्रि को हिंदू धर्म में बेहद शुभ और पवित्र समय माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और वातावरण भक्तिमय हो जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या नवरात्रि के दौरान नए घर में गृह प्रवेश किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में गृह प्रवेश करना शुभ माना जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी होता है। माना जाता है कि इस समय देवी की पूजा और मंत्र जाप के साथ नए घर में प्रवेश करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

नवरात्रि के दौरान गृह प्रवेश को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराएं देखने को मिलती हैं। सामान्य रूप से नवरात्रि के दिन शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं, लेकिन हर दिन गृह प्रवेश के लिए समान रूप से शुभ नहीं होता। गृह प्रवेश के लिए तिथि, नक्षत्र, वार और लग्न का विचार किया जाता है। इसलिए केवल नवरात्रि चल रही है, इस आधार पर गृह प्रवेश करने के बजाय किसी योग्य ज्योतिषी से शुभ मुहूर्त की जानकारी लेना बेहतर माना जाता है।

गृह प्रवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

नए घर में प्रवेश करने से पहले घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करनी चाहिए। पूजा स्थल को विशेष रूप से स्वच्छ करके वहां गणेश जी, मां दुर्गा और अपने इष्ट देव की पूजा करनी चाहिए। गृह प्रवेश के दिन घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक, शुभ-लाभ या मंगल चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, घर में प्रवेश से पहले गणेश पूजा और कलश स्थापना करने से विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है।

कलश और माता की पूजा का महत्व

नवरात्रि में गृह प्रवेश करने वाले लोग घर में विधि-विधान से कलश स्थापित कर सकते हैं। कलश को सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा की पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ और मंत्र जाप करके नए घर के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। कई लोग गृह प्रवेश के अवसर पर कन्या पूजन और हवन भी कराते हैं।

शुभ मुहूर्त का रखें विशेष ध्यान

गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में भी सभी तिथियां गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए पंचांग देखकर तिथि, नक्षत्र और लग्न के अनुसार मुहूर्त तय करना चाहिए। यदि किसी कारण से नवरात्रि में उपयुक्त मुहूर्त न मिले तो जल्दबाजी में गृह प्रवेश करने के बजाय उचित मुहूर्त की प्रतीक्षा करना बेहतर माना जाता है।

घर में प्रवेश के साथ करें मंगल कामना

गृह प्रवेश केवल नए घर में जाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत का भी प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के पावन दिनों में यदि शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश किया जाए और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की पूजा की जाए, तो इसे मंगलकारी माना जाता है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मिलकर देवी से घर में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना कर सकते हैं।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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