शनि जब जातक की चंद्र राशि से द्वादश, लग्न और दूसरे भाव में गोचर करता है तो इन साढ़े सात साल के गोचर को साढ़े साती के नाम से जाना जाता है। शनि की साढ़ेसाती हमेशा अशुभ परिणाम ही दे यह आवश्यक नहीं है।
शनि जब जातक की चंद्र राशि से द्वादश, लग्न और दूसरे भाव में गोचर करता है तो इन साढ़े सात साल के इस गोचर को साढ़े साती के नाम से जाना जाता है। शनि की साढ़ेसाती हमेशा अशुभ परिणाम ही दे यह आवश्यक नहीं है।
अपने विभिन्न चरणों में यह शुभ परिणाम भी देती है। आज इस लेख में हम 12 राशियों के बारे में आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि किस राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती कैसा प्रभाव देती है। मेष राशि
मेष राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती के अंतिम ढाई वर्षों के दौरान अच्छा फल मिलता है। वृष राशि
वृष राशि के जातकों के लिए मध्य और अंत के ढाई वर्ष शुभ होते हैं। इस दौरान जातक की उन्नति होती है और उस पर संपत्ति की कृपा यानी की देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुरुआत के ढाई वर्ष अनुकूल होते हैं। इस दौरान जातक की तीर्थ यात्रा होती है और शुभ कार्यों पर धन खर्च होता है। कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए आरंभ के ढाई व शुभ होते हैं। इस दौरान उनके कामकाज में तरक्की होती है और नौकरी में प्रमोशन मिलता है। सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए अंत के ढाई वर्ष बेहद शुभ माने गए हैं। शनि की साढ़ेसाती के अंतिम ढाई वर्ष सिंह राशि के जातकों को धनवान और प्रसिद्ध बनाकर जाते हैं। कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को अंतिम ढाई वर्ष शुभ होते हैं। किसी भी प्रकार का आर्थिक कष्ट नहीं होता। पारिवारिक संपत्ति प्राप्त होती है। तुला राशि
तुला राशि के जातकों को शनि की साढ़े साती के मध्य के ढाई वर्ष बेहद शुभ माने गए हैं। वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती के आरंभ के ढाई वर्ष शुभ होते हैं। इस दौरान व्यवसाय में वृद्धि, पुत्र प्राप्ति, और संपत्ति प्राप्ति के योग बनते हैं। धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए मध्य के ढाई वर्ष शुभ होते हैं। इस दौरान उन्हें समाज में खूब मान सम्मान प्राप्त होता है। मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए शुरुआत के ढाई वर्ष और अंत के ढाई वर्ष बेहद शुभ होते हैं। इस दौरान शनि की कृपा से व्यापार धंधे में खूब तरक्की होती है। कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों को शनि बिल्कुल भी परेशान नहीं करते हैं। कुंभ राशि के जातकों के लिए मध्य और अंत के ढाई वर्षो के दौरान उन्हें सुख शांति प्राप्त होती है और उनके जो भी अधूरे काम होते हैं वह शनिदेव की कृपा से पूरे होते हैं। मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शनि देव मध्य के ढाई वर्ष बेहद शुभ परिणाम देने वाले होते हैं। इस दौरान मीन राशि के जातकों के सोचे हुए सारे सपने पूरे होते हैं।
यहां यह बात भी समझना जरूरी है कि ढैया और साढ़ेसाती के शुभ और अशुभ परिणाम दोनों प्राप्त होते हैं। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के गोचर से शनि तीसरे, छठे या एकादश भाव में गोचर कर रहे हो तो आप यह समझ लीजिए कि शनिदेव अपने पूर्ण अनुकूल फल प्रदान करते हैं।