Isha Gramotsavam 2026: ग्रामीण भारत की खेल संस्कृति और सामुदायिक भावना को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला 18वां ईशा ग्रामोत्सव (Isha Gramotsavam) इस वर्ष पहले से कहीं अधिक बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में 15 जुलाई को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी चेयरमैन हॉल में दोपहर 3:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के बाद हाई टी भी रखी गई है। इस दौरान ईशा फाउंडेशन 18वें संस्करण की विस्तृत रूपरेखा, आयोजन की विशेषताओं और देशभर में होने वाली प्रतियोगिताओं की जानकारी साझा करेगा।
10 राज्यों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर होगा आयोजन
इस वर्ष ईशा ग्रामोत्सव का आयोजन 10 राज्यों में किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों को पहली बार इस आयोजन में शामिल किया गया है। आयोजन का उद्देश्य देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के माध्यम से सामाजिक एकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
ईशा फाउंडेशन के अनुसार, इस बार 40 हजार से अधिक गांव इस अभियान से जुड़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनके विजेता आगे के चरणों में पहुंचेंगे।
विजेता टीमों को मिलेंगे एक करोड़ रुपये के पुरस्कार
18वें ईशा ग्रामोत्सव की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी पुरस्कार राशि भी है। इस वर्ष विजेता ग्रामीण टीमों के बीच कुल एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। विभिन्न चरणों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
पुरुष वर्ग की वॉलीबॉल और महिला वर्ग की थ्रोबॉल प्रतियोगिताएं इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। विभिन्न राज्यों में क्लस्टर, डिवीजन और फाइनल चरणों के माध्यम से विजेता टीमों का चयन किया जाएगा।
हजारों खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
ईशा ग्रामोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा, महिलाएं और स्थानीय समुदाय हिस्सा लेते हैं। इससे गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर भी मिलता है। पिछले वर्षों में भी इस आयोजन में हजारों गांवों और खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इस बार आयोजन का दायरा कई नए राज्यों तक बढ़ने के कारण प्रतिभागियों की संख्या और अधिक रहने की संभावना है।
दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा होगी पूरी रूपरेखा
15 जुलाई को आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशा फाउंडेशन के प्रतिनिधि 18वें ईशा ग्रामोत्सव की विस्तृत जानकारी देंगे। इसमें प्रतियोगिताओं की समय-सारिणी, राज्यों में आयोजन की प्रक्रिया, खिलाड़ियों की भागीदारी, पुरस्कार संरचना और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की जाएगी। इस अवसर पर आयोजन के सामाजिक प्रभाव और ग्रामीण भारत में खेलों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में ईशा ग्रामोत्सव की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सद्गुरु की परिकल्पना से शुरू हुआ ईशा ग्रामोत्सव