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Papankusha Ekadashi : पापाकुंशा एकादशी पर क्या करें क्या न करें जानिए

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Papankusha Ekadashi :  पापांकुशा एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह आश्विन महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है।

Papankusha Ekadashi :
Papankusha Ekadashi :  पापांकुशा एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह आश्विन महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और आयु बढ़ती है। यह भी माना जाता है कि एकादशी पर दान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और पुण्य मिलता है। पापांकुशा एकादशी पर किया गया दान न केवल इस जीवन में बल्कि भविष्य के जन्मों में भी शुभ फल देता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।

पापांकुशा एकादशी कब है?

दृक पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे शुरू होगी। यह 22 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2:47 बजे समाप्त होगी। इसलिए, पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर को रखा जाएगा।

पापांकुशा एकादशी व्रत के नियम

एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और व्रत रखने का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और धूप व दीप अर्पित करें।
भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और भोग अर्पित करें।
पूजा के अंत में पापांकुशा एकादशी की कथा सुनें।
मन की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करें।
रात में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
दिन भर ठोस भोजन न करें  केवल फल और पानी का सेवन किया जा सकता है। 
अगले दिन द्वादशी तिथि पर ब्राह्मण को दक्षिणा देने के बाद व्रत खोलें ।

एकादशी व्रत के दिन क्या करें

भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, जैसे 'ॐ नमो नारायणाय'।
पूरे दिन ठोस भोजन न करें केवल फल और पानी का सेवन करें।
भगवद गीता और श्रीमद् भगवद गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
जरूरतमंदों को दान दें।
चिंतन और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक शांति प्राप्त करें।

एकादशी व्रत के दिन क्या न करें

इस दिन तुलसी के पौधे में जल न चढ़ाएं।
बहुत अधिक शारीरिक मेहनत से बचें।
व्रत के दौरान अनाज का सेवन न करें।
मन में नकारात्मक विचार न लाएं।
झूठ बोलने या गुस्सा करने से बचें।
किसी का अपमान न करें।

पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व

विष्णु पुराण के अनुसार पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पिछले और वर्तमान जन्मों के पाप धुल जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह भी माना जाता है कि एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की कथाएं सुनने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और धन का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। भक्तों को इस दिन भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए ऐसा करने से सुख और समृद्धि आती है।

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 (Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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