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Mandir Ke Niyam: मंदिर जाएं तो भूलकर भी ना करें ये गलतियां,जीवन में आ सकती है परेशानियां

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल
सार

Mandir Ke Niyam:  मंदिर में जाने से मन को शांति मिलती है और पुण्य भी मिलता है। लेकिन कुछ लोग मंदिर में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे पुण्य कम हो जाता है और पाप लगता है। लोगों को इन गलतियों के बारे में पता नहीं होता।

Mandir Ke Niyam:
Mandir Ke Niyam:  मंदिर में जाने से मन को शांति मिलती है और पुण्य भी मिलता है। लेकिन कुछ लोग मंदिर में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे पुण्य कम हो जाता है और पाप लगता है। लोगों को इन गलतियों के बारे में पता नहीं होता। आइए जानते हैं मंदिर में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मंदिर जाएं तो जरूर ध्यान रखें ये बातें ( Mandir Jaye To Jaroor Dhyan Rakhe Ye Bate) 


मंदिर में हंसना

मंदिर में हंसना, तेज आवाज में बोलना या किसी भी तरह का मनोरंजन करना सही नहीं है। क्योंकि इससे लोगों का ध्यान भंग होता है और आपको पाप लगता है।

किसी के सामने आना

जब कोई भक्त मंदिर में भगवान के दर्शन कर रहा हो, तो उसके सामने नहीं जाना चाहिए या उसके सामने खड़ा नहीं होना चाहिए।

उल्टी परिक्रमा करना

कुछ लोग अज्ञानता के कारण उल्टी परिक्रमा कर लेते हैं। परिक्रमा हमेशा बाएं हाथ से शुरू करें और दाएं हाथ पर खत्म करें। इसके अलावा शिवलिंग की आधी परिक्रमा करनी चाहिए।

बेल्ट पहनकर जाएं

मंदिर में कभी भी बेल्ट पहनकर या चमड़े की चीजें लेकर नहीं जाना चाहिए। चमड़े को अशुद्ध माना जाता है। ऐसा करने से पाप लगता है।

मूर्ति के सामने खड़े होना

देवता की मूर्ति के सामने खड़े होना गलत है। क्योंकि मनुष्य का शरीर भगवान की मूर्ति से निकलने वाली तीव्र ऊर्जा को सहन नहीं कर सकता।

रास्ते में प्रसाद नहीं खाना चाहिए?

मंदिर से प्राप्त प्रसाद और भगवान को चढ़ाने के लिए घर से लाए गए प्रसाद को कभी भी मंदिर से लौटते समय नहीं खाना चाहिए। इससे आपकी पूजा अधूरी रह जाती है। मान्यता के अनुसार मंदिर से प्राप्त प्रसाद को अपने घर के प्रसाद में मिलाकर पूरे परिवार में बांटना चाहिए और साथ मिलकर खाना चाहिए।

खाली लोटा घर नहीं लाना चाहिए?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंदिर जाते या वापस आते समय कभी भी खाली लोटा घर नहीं लाना चाहिए। मान्यता है कि खाली लोटा घर लाने से व्यक्ति के जीवन में बनते काम बिगड़ जाते हैं। इसलिए भगवान को जल चढ़ाते समय थोड़ा जल लोटे में ही छोड़ देना चाहिए। या फिर अगर जल उपलब्ध न हो तो मंदिर से पूजा के लिए मिले फूल भी लोटे में रख सकते हैं। कहा जाता है कि मंदिर से भरा हुआ लोटा लाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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