facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  festivals›  shardiya navratri ke chhathe din kaise kare maa katyayani ki puja janiye shubh muhurat vidhi mantra aur bhog

Maa Katyayani: नवरात्रि के छठे दिन कैसे करें मां कात्यायनी की पूजा? जानें, शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और भोग

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Maa Katyayani: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा सुबह स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद की जाती है। पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल का समय शुभ माना जाता है। 

Maa Katyayani
Maa Katyayani: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को साहस, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। ऐसे में नवरात्रि के छठे दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन मां कात्यायनी की पूजा कैसे करनी चाहिए, उन्हें कौन-सा भोग लगाना शुभ माना जाता है और उनकी पूजा का मंत्र क्या है? आइए जानते हैं पूजा की पूरी विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व...

मां कात्यायनी की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी दुर्गा के छठे स्वरूप हैं। उनका स्वरूप तेजस्वी और शक्तिशाली माना जाता है। मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं। उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल रहता है, जबकि अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में माने जाते हैं। मां का वाहन सिंह है। मान्यता है कि उनकी आराधना करने से भय दूर होता है और भक्तों को आत्मविश्वास तथा शक्ति प्राप्त होती है। मां कात्यायनी को विशेष रूप से विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी पूजा जाता है।

 

Maa Katyayani

मां कात्यायनी पूजा का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा सुबह स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद की जाती है। पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल का समय शुभ माना जाता है। हालांकि, पूजा का सटीक मुहूर्त हर साल पंचांग के अनुसार बदलता है। इसलिए नवरात्रि की संबंधित तिथि के सूर्योदय, तिथि और स्थानीय पंचांग के आधार पर पूजा का समय देखना चाहिए। मां की आराधना श्रद्धा और साफ मन से करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

मां कात्यायनी की पूजा विधि

नवरात्रि के छठे दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और मां कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। पूजा के दौरान मां के सामने दीपक जलाएं और गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें। इसके बाद मां को फूल, अक्षत, रोली, चंदन और धूप अर्पित करें। मां कात्यायनी को लाल या पीले फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके बाद फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें। मां के मंत्र का जाप करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। अंत में मां की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

मां कात्यायनी का पूजा मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा के दौरान उनके मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त पूजा के समय इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।\
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥


इसके अलावा मां कात्यायनी के बीज मंत्र का जाप भी किया जाता है।

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

पूजा के दौरान अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि मां का स्मरण करने से मन में सकारात्मकता और साहस का संचार होता है।

 

Maa Katyayani

मां कात्यायनी को क्या भोग लगाएं?

मां कात्यायनी को पूजा के दौरान शहद अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा भक्त मां को फल, मिठाई और घर में शुद्धता से तैयार किया गया सात्विक प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। भोग बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और प्याज-लहसुन रहित भोजन तैयार करें। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य भक्तों में बांट सकते हैं।

मां कात्यायनी की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

मां कात्यायनी की पूजा करते समय पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और दीपक जलाते समय सावधानी बरतें। पूजा में फूल, फल और प्रसाद अपनी श्रद्धा के अनुसार अर्पित करें। यदि आप नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, तो अपने स्वास्थ्य और परंपरा के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करें। पूजा के दौरान मां का ध्यान करें और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से की गई आराधना भक्तों को मां का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम मानी जाती है।


यह भी पढ़ें:-

Shardiya Navratri: मां दुर्गा को नारियल ही क्यों चढ़ाते हैं? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता 

Shardiya Navratri: दुर्गा पूजा में पान, सुपारी और लौंग का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? जानिए धार्मिक महत्व

Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन में कितनी कन्याओं को कराएं भोजन? जानें धार्मिक मान्यता 
 
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel