Budh Poornima 2025: वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इसके साथ ही इस दिन लक्ष्मी पूजन का भी विशेष महत्व होता है
Budh Poornima 2025: वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इसके साथ ही इस दिन लक्ष्मी पूजन का भी विशेष महत्व होता है। रात्रि में लक्ष्मी जी की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा 11 मई को रात्रि 8:01 बजे से प्रारंभ होकर 12 मई को रात्रि 10:25 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी। चंद्रोदय शाम 6:57 बजे होगा।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन बन रहे हैं ये योग ( Budh Poornima Par Ban Rahe Hai Khas Yog )
बुद्ध पूर्णिमा पर तीन प्रकार के योग बन रहे हैं। रवि योग सुबह 05:32 बजे से 06:17 बजे तक रहेगा। इस योग में भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करने से स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होगी। सभी प्रकार के दुख समाप्त होंगे। भद्रा योग सुबह 9:14 बजे तक रहेगा। भद्रा पाताल लोक में रहेगी।
भद्रावास योग में पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। पूरी रात वरियान योग रहेगा, जिसमें भगवान विष्णु की पूजा और ध्यान करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। इस योग में किए गए शुभ कार्य सफल होते हैं और साधक को उनका शुभ फल प्राप्त होता है।
बुद्ध पूर्णिमा की रात को करें ये उपाय ( Budh Poornima ki rat Kare ye Upay )
रात में पीपल के पेड़ के नीचे चौमुखा दीपक जलाकर देवी लक्ष्मी का आह्वान करना चाहिए।
रात में 11 कौड़ियां लेकर उन पर हल्दी लगाएं। फिर उन्हें देवी लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करें।
अगले दिन उन कौड़ियों को उठाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें।
कच्चे दूध में चीनी और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से उसकी अशुभता कम होती है।
रात में चावल, चीनी, दही, सफेद कपड़े आदि का दान करें, इससे चंद्रमा ठीक होता है।
चंद्रमा के उपाय करने से मन स्थिर और शांत होता है। आपके लिए गए फैसले सही होते हैं।