Hariyali Teej Geet Lyrics : सावन का महीना हरियाली लेकर आता है और हर तरफ खुशियों का माहौल बना रहता है। इसी बीच सावन के महीने में हरियाली तीज का त्योहार आता है, जिसे श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। हरियाली तीज के दिन व्रत खोलने से सुहाग पर माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है। आपको बता दें कि हरियाली तीज पर भजन भी गाए जाते हैं आप भी इस भजन को गाए।
हरियाली तीज भजन Hariyali Teej Bhajan
(सावन दिन आ गए Sawan Din Aagye)
सावन दिन आ गए
अरी बहना! छाई घटा घनघोर,
सावन दिन आ गए.
उमड़-घुमड़ घन गरजते,
अरी बहना! ठण्डी-ठण्डी पड़त फुहार.
सावन दिन आ गए.
बादल गरजे बिजली चमकती,
अरी बहना! बरसत मूसलधार.
सावन दिन आ गए.
कोयल तो बोले हरियल डार पे,
अरी बहना! हंसा तो करत किलोल.
सावन दिन आ गए.
वन में पपीहा पिऊ पिऊ रटै,
अरी बहना! गौरी तो गावे मल्हार.
सावन दिन आ गए.
सखियां तो हिलमिल झूला झूलती,
अरी बहना! हमारे पिया परदेस.
सावन दिन आ गए.
लिख-लिख पतियां मैं भेजती,
अजी राजा सावन की आई बहार.
सावन दिन आ गए.
हमरा तो आवन गोरी होय ना,
अजी गोरी! हम तो रहे मन मार.
सावन दिन आ गए.
राजा बुरी थारी चाकरी,
अजी राजा जोबन के दिन चार
सावन दिन आ गए.