facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  bhajan›  maa kushmanda bhajan chautha jab navratra ho kushmanda ko dhyate bhajan lyrics in hindi

चौथा जब नवरात्र हो, कुष्मांडा को ध्याते ।। Chautha Jab Navratra Ho Kushmanda Ko Dhyate

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Chautha Jab Navratra Ho Kushmanda Ko Dhyate: चौथा जब नवरात्र हो, कुष्मांडा को ध्याते...नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा के दौरान आप उनके इस भजन को गा या सुन सकते हैं।

Maa Kushmanda Bhajan

।। मां कूष्मांडा का भजन - Maa Kushmanda Bhajan ।।

चौथा जब नवरात्र हो, कुष्मांडा को ध्याते
(Chautha Jab Navratra Ho Kushmanda Ko Dhyate)


चौथा जब नवरात्र हो, कुष्मांडा को ध्याते।
जिसने रचा ब्रह्माण्ड यह, पूजन है करवाते॥

आध्शक्ति कहते जिन्हें, अष्टभुजी है रूप।
इस शक्ति के तेज से कहीं छाव कही धुप॥

कुम्हड़े की बलि करती है तांत्रिक से स्वीकार।
पेठे से भी रीज्ती सात्विक करे विचार॥

क्रोधित जब हो जाए यह उल्टा करे व्यवहार।
उसको रखती दूर माँ, पीड़ा देती अपार॥

सूर्य चन्द्र की रौशनी यह जग में फैलाए।
शरणागत की मैं आया तू ही राह दिखाए॥

नवरात्रों की माँ कृपा करदो माँ।
नवरात्रों की माँ कृपा करदो माँ॥

जय माँ कुष्मांडा मैया।
जय माँ कुष्मांडा मैया॥

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel