Banke Bihari Mandir: अगर आप भगवान कृष्ण के दर्शन करने वृंदावन जाते हैं तो आपने बांके बिहारी मंदिर के दर्शन जरूर किए होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बांके बिहारी के चरणों के दर्शन आप साल में सिर्फ एक बार ही कर सकते हैं?
Banke Bihari Mandir: अगर आप भगवान कृष्ण के दर्शन करने वृंदावन जाते हैं तो आपने बांके बिहारी मंदिर के दर्शन जरूर किए होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बांके बिहारी के चरणों के दर्शन आप साल में सिर्फ एक बार ही कर सकते हैं? और यह मौका सिर्फ अक्षय तृतीया के दिन ही आता है। इस दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और भीड़ उमड़ पड़ती है।
जानिए क्या है मान्यता?
कहानी करीब 500 साल पुरानी है। निधिवन में तपस्या कर रहे स्वामी हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान स्वयं उनके सामने प्रकट हुए थे। स्वामी जी प्रतिदिन ठाकुर जी की सेवा करते थे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उस दौरान एक सुबह जब वे उठे तो उन्होंने भगवान के चरणों के पास एक सोने का सिक्का पाया।
स्वामी जी ने उस सोने के सिक्के से ठाकुर जी की सेवा और भोग की व्यवस्था की। जब भी स्वामी जी के पास पैसों की कमी होती तो वे भगवान के चरणों से एक सोने का सिक्का ले लेते। यही वजह है कि स्वामी जी ने भगवान के चरणों को ढक दिया, ताकि लोग उन सिक्कों की ओर आकर्षित न हों।
वर्ष में केवल एक बार ही होते हैं चरण दर्शन
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान के चरण दर्शन पूरे वर्ष नहीं होते। भक्तों को उनके चरण दर्शन केवल अक्षय तृतीया के दिन ही होते हैं। इस दिन उनके पैरों में पायल पहनी जाती है, चंदन की टिकिया रखी जाती है और पूरे शरीर पर चंदन का लेप लगाया जाता है। यह भी माना जाता है कि स्वामी हरिदास ने ठाकुर जी को भीषण गर्मी से बचाने के लिए चंदन का लेप लगाया था, तभी से यह परंपरा आज भी जारी है।
यह दिन इतना शुभ क्यों है?
अक्षय तृतीया पर बद्रीनाथ जैसे तीर्थों के दर्शन करने से जो पुण्य मिलता है, वही पुण्य बांके बिहारी जी के दर्शन करने से भी मिलता है। इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य - जैसे दान देना या सोना खरीदना कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि हमेशा बढ़ता रहता है। इस दिन सोना खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन ज्वैलर्स खास ऑफर देते हैं और ऐसा माना जाता है कि आज के दिन खरीदा गया सोने का सामान कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि बढ़ता रहता है।