Ayodhya Ram Navami 2025: अयोध्या में आज रामनवमी के अवसर पर ऐतिहासिक और दिव्य उत्सव मनाया जा रहा है। इस बार रामलला का जन्मोत्सव न केवल भक्ति और श्रद्धा से भरा होगा, बल्कि वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अनूठा होगा।
Ayodhya Ram Navami 2025: अयोध्या में आज रामनवमी के अवसर पर ऐतिहासिक और दिव्य उत्सव मनाया जा रहा है। इस बार रामलला का जन्मोत्सव न केवल भक्ति और श्रद्धा से भरा होगा, बल्कि वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अनूठा होगा। रामनवमी पर पहली बार तीन शुभ योगों रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और सुकर्मा योग में रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा।
सूर्य तिलक की दिव्य प्रक्रिया
मंदिर के ऊपरी तल पर विशेष रूप से रामलला के सूर्य तिलक के लिए अत्याधुनिक रिफ्लेक्टर और लेंस सिस्टम लगाए गए हैं। इस तकनीक को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें लेंस से सीधे परावर्तित होकर 75 मिमी व्यास में रामलला के माथे पर केंद्रित होंगी। यह प्रदीप्त दृश्य करीब चार मिनट तक रहेगा, जिससे ऐसा लगेगा मानो सूर्य देव स्वयं रामलला के जन्म की पूजा कर रहे हैं।
शनिवार को इस तकनीकी प्रक्रिया का तीसरा सफल ट्रायल भी किया गया, जिसमें सूर्य की किरणें ठीक समय पर रामलला के माथे पर पड़ीं। इस सूर्य तिलक कार्यक्रम का देश-विदेश में सीधा प्रसारण किया जाएगा, ताकि करोड़ों श्रद्धालु इस अनूठे पल के साक्षी बन सकें।
भव्य धार्मिक आयोजन और सजावट
रामनवमी के दिन सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा। इस दौरान रामलला का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा, उन्हें स्वर्णजड़ित पीताम्बरी वस्त्र, हीरे-मोती जड़ित आभूषण पहनाए जाएंगे और भव्य श्रृंगार किया जाएगा। ठीक 12 बजे उनकी जन्म आरती होगी, जिसमें उन्हें 5 प्रकार की पंजीरी और 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और शाम को मंदिर को विशेष लाइटिंग से जगमगाया जाएगा।
राम कथा को जीवंत किया जाएगा
इस पावन अवसर को और भी आनंदमय बनाने के लिए कलाकार पारंपरिक सोहर और बधाई गीत प्रस्तुत करेंगे। झांकियों के माध्यम से राम कथा के प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु राम जन्म का अनुभव कर सकें।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अयोध्या मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। गर्मी और धूप से बचाव के लिए छाया, पेयजल, चटाई और विश्राम केंद्र की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 7 स्थानों पर 14 अस्थायी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 108 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर डॉक्टरों, दवाओं और ओआरएस पैकेट की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।