Akshaya Tritiya 2025: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी।
Akshaya Tritiya 2025: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन सोना खरीदना, नया काम शुरू करना और दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व होता है? तो आइए इस लेख में जानते हैं।
तुलसी पूजा ( Tulsi Pooja )
माता तुलसी जिन्हें वृंदा के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में तुलसी पूजा का बहुत महत्व है। देवी को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है और वे भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं। अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है और इस पूजा में तुलसी पूजा का विशेष महत्व है।
तुलसी पूजा का धार्मिक महत्व ( Tulsi Pooja Ka Dharmik Mahatav)
श्री हरि की कृपा प्राप्ति - भगवान विष्णु को प्रिय होने के कारण अक्षय तृतीया पर तुलसी की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाने और परिक्रमा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मां लक्ष्मी का स्वरूप - देवी तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन देवी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और धन-संपत्ति आती है। साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं, जिससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती। नकारात्मक ऊर्जा का अंत - तुलसी के पौधे में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे घर में खुशियां आती हैं। समृद्धि का वास - तुलसी में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का वरदान मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि तुलसी की नियमित पूजा करने से घर में भौतिक सुख-संपत्ति आती है। साथ ही आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। शुभ फलों की प्राप्ति - अक्षय तृतीया पर किए गए पुण्य कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। इसलिए इस दिन तुलसी की पूजा और सेवा करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है।
अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा कैसे करें? ( Tulsi Pooja Kaise Kare)
अक्षय तृतीया के दिन सुबह स्नान करके लाल वस्त्र धारण करें। तुलसी के पौधे पर गंगाजल चढ़ाएं। रोली, कुमकुम, 16 श्रृंगार की वस्तुएं, आटे का हलवा, हल्दी और चंदन चढ़ाएं। घी का दीपक जलाएं और तुलसी मंत्रों का जाप करें। आप विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं। तुलसी के पौधे की परिक्रमा करें और अंत में आरती करें। इस दिन तुलसी के पौधे पर जल जरूर चढ़ाएं। पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें। तामसिक चीजों से दूर रहें।