गोस्वामी तुलसीदास जयंती के विशेष अवसर पर जानिए उस महान संत और कवि की कहानी, जिन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से भगवान श्रीराम की कथा को जन-जन तक पहुंचाया। कहा जाता है कि तुलसीदास के जीवन में एक समय ऐसा आया, जब सांसारिक मोह से उनका पूरा जीवन बदल गया। रत्नावली का प्रसंग, उनका वैराग्य, रामभक्ति की ओर उनका झुकाव और फिर हनुमान जी की कृपा से श्रीराम के दर्शन—इन सभी कथाओं ने तुलसीदास के जीवन को भक्तिकाल की सबसे प्रेरणादायक गाथाओं में शामिल कर दिया। तुलसीदास केवल रामचरितमानस के रचयिता ही नहीं थे। उनके नाम से हनुमान चालीसा, विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली और रुद्राष्टकम् जैसी प्रसिद्ध रचनाएं भी जुड़ी हैं। इस वीडियो में जानिए— तुलसीदास का जन्म और बचपन रत्नावली ने ऐसा क्या कहा जिसने उनका जीवन बदल दिया? तुलसीदास और हनुमान जी का संबंध क्या तुलसीदास को वास्तव में श्रीराम के दर्शन हुए थे? रामचरितमानस की रचना की कथा तुलसीदास ने भगवान शिव की स्तुति में “नमामीशमीशान निर्वाणरूपम्” क्यों लिखा? तुलसीदास की अमर रामभक्ति का रहस्य तुलसीदास जयंती पर इस प्रेरणादायक कथा को जरूर देखें और अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।
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