Chandra Grahan 2025: वर्ष 2025 का चंद्र ग्रहण ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ग्रहण लगने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, विवाह या किसी भी शुभ कार्य को करने से परहेज किया जाता है। शास्त्रों में सूतक काल को अशुभ माना गया है, इसलिए गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को विशेष सावधानियाँ बरतने की सलाह दी जाती है।इस चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व भी कम नहीं है। खगोलशास्त्रियों के अनुसार, यह दृश्य भारत समेत एशिया के कई देशों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। आकाश प्रेमी इसे अपनी आँखों और दूरबीनों से देख पाएंगे। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, भगवान का स्मरण और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
चंद्र ग्रहण की अवधि को गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत संवेदनशील माना जाता है ऐसी मान्यता है कि इस समय ग्रहण की नकारात्मक किरणों का प्रभाव पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को चंद्रहण के दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही है इस वीडियो के माध्यम में हम जानेंगे कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में किन चीजों की सावधानी रखनी चाहिए।
धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।
WhatsApp Channel