facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  jaya kishori ji told when god has not made any discrimination why should we do so

Jaya Kishori Ji: जब भगवान ने नहीं रखा कोई भेदभाव, हम लोग क्यों रखें... जया किशोरी जी ने बताया महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
जया किशोरी जी
सार

Religious Thoughts: जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि हमें लोगों की नजर में अच्छा बनने से अधिक भगवान की नजर में अच्छा बनने का प्रयास करना चाहिए। 

Jaya Kishori Ji
Inspirational Life Lessons: जया किशोरी जी अक्सर अपने प्रवचनों में यह समझाती हैं कि भगवान ने इस संसार में किसी भी इंसान के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने सभी को एक जैसा जीवन, सांस लेने की हवा, पीने का पानी, सूर्य का प्रकाश और अपने कर्म करने का अवसर दिया है। भगवान कभी यह नहीं देखते कि कोई व्यक्ति अमीर है या गरीब, छोटा है या बड़ा, किसी ऊंची जाति का है या किसी दूसरी जाति का। उनके लिए हर जीव समान है। जब भगवान स्वयं किसी के साथ भेदभाव नहीं करते, तो हमें भी अपने व्यवहार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रखना चाहिए। इंसान की पहचान उसके अच्छे कर्म, उसके संस्कार और उसके व्यवहार से होती है, न कि उसके धन, पद या बाहरी रूप से।

आज के समय में बहुत से लोग अपना अधिकतर समय दूसरों को यह समझाने में लगा देते हैं कि वे सही हैं। हर बात पर सफाई देना, हर किसी को खुश करने की कोशिश करना और लोगों की सोच बदलने का प्रयास करना हमें मानसिक रूप से थका देता है। यदि हमारा मन साफ है और हमारा इरादा अच्छा है, तो हर किसी के सामने खुद को सही साबित करना जरूरी नहीं है। जो लोग हमें सच में समझते हैं, उन्हें किसी सफाई की आवश्यकता नहीं होती। और जो बिना वजह गलत समझना चाहते हैं, उन्हें कितनी भी सफाई दे दी जाए, उनका नजरिया बदलना आसान नहीं होता है।

भगवान की नजर में साफ रहना 

जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं, बल्कि यह है कि भगवान हमारे मन और हमारे कर्मों को कैसे देखते हैं। यदि हमारा दिल साफ है, हमारे इरादे नेक हैं और हम किसी का बुरा नहीं चाहते, तो यही सबसे बड़ी सफलता है। भगवान हमारे बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि हमारे मन की सच्चाई से प्रसन्न होते हैं। इसलिए हमेशा ऐसा जीवन जीना चाहिए कि हमें अपने कर्मों पर गर्व हो और भगवान के सामने हमारा सिर ऊँचा रहे।

सम्मान और इज्जत देने वाला भगवान

कई बार लोग सम्मान और पहचान पाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। वे चाहते हैं कि समाज उनकी प्रशंसा करे और हर जगह उन्हें आदर मिले। लेकिन सच्चाई यह है कि सम्मान और इज्जत केवल इंसानों के हाथ में नहीं होती। यदि भगवान की कृपा हमारे साथ है, तो सही समय आने पर हमें वह सम्मान अवश्य मिलता है जिसके हम योग्य होते हैं। लोग आज साथ हो सकते हैं और कल बदल भी सकते हैं, लेकिन भगवान का न्याय कभी नहीं बदलता। इसलिए हमें लोगों की खुशामद करने के बजाय अपने कर्मों को अच्छा बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

अच्छे कर्म ही जीवन की सबसे बड़ी पहचान

जब इंसान बिना किसी भेदभाव के सभी के साथ प्रेम, दया और सम्मान का व्यवहार करता है, तब उसका व्यक्तित्व अपने आप लोगों के दिलों में जगह बना लेता है। अच्छे कर्मों का फल देर से मिल सकता है, लेकिन वह कभी व्यर्थ नहीं जाता। भगवान हर अच्छे कार्य का उचित फल अवश्य देते हैं। इसलिए जीवन में सच्चाई, ईमानदारी और मानवता को अपनाना चाहिए। यही गुण हमें भगवान के और करीब ले जाते हैं और समाज में भी हमारी एक अच्छी पहचान बनाते हैं।

जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं भगवान

जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि हमें लोगों की नजर में अच्छा बनने से अधिक भगवान की नजर में अच्छा बनने का प्रयास करना चाहिए। यदि हमारा मन पवित्र है, हमारे कर्म अच्छे हैं और हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते, तो भगवान स्वयं हमारे जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सम्मान, इज्जत और सफलता का असली दाता भगवान है, लोग नहीं। इसलिए दूसरों की राय से अधिक अपने कर्मों पर विश्वास रखें, सभी के साथ समान व्यवहार करें और ऐसा जीवन जिएं जिससे भगवान भी प्रसन्न हों और आपका अंतर्मन भी हमेशा शांत और संतुष्ट रहे।

ये भी पढ़ें -  रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप क्यों करना चाहिए? जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

ये भी देखें

Acharya Ramchandra Das Ji Maharaj
आचार्य श्री रामचंद्र दास जी महाराज
27 July 2026
Devkinandan Thakur Ji Maharaj
श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज
27 July 2026
Rambhadracharya Ji Maharaj
श्री रामभद्राचार्य जी महाराज
26 July 2026
Chatur Narayan Ji Maharaj
कथावाचक चतुर नारायण जी महाराज
26 July 2026
Swami Ashutoshanand Giri Ji Maharaj
स्वामी आशुतोषानंद गिरि जी महाराज
26 July 2026

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel