Akshaya Tritiya 2025: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं। इसे स्वयंसिद्ध शुभ मुहूर्त माना जाता है। अक्षय तृतीया धन की देवी मां लक्ष्मी का दिन है। यह दिन इतना शुभ होता है कि अगर इस दिन कोई नया काम शुरू किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। इस बार अक्षय तृतीया 30 अप्रैल, बुधवर को मनाई जाएगी। इस दिन किए गए कुछ उपायों से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। जानिए अक्षय तृतीया के दिन किए जाने वाले इन उपायों के बारे में।
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥