Tum Prem Ho Tum Preet Ho Bhajan Lyrics: रोज़ाना भगवान की पूजा, आरती और मंत्रों का जाप करें। दिल से और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान को याद करें। भगवान को प्रसन्न करने के लिए सबसे ज़रूरी है सच्चे मन से भक्ति और सेवा करना। भगवान के सामने अपनी इच्छाओं और चिंताओं को रखें। भगवद गीता, रामायण, महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें और उनका पालन करें। ईमानदारी और सच्चे दिल से भगवान से प्रार्थना करें। भगवान के भजन और कीर्तन गाएँ और सुनें। इससे मन में भक्ति की भावना बढ़ती है। सावन का महीना चल रहा है तो इस महीने में भगवान शि के साथ कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए उनका आशीर्वाद पाने के लिए पूजा करते समय जरूर गाएँ ये भजन.................
।। तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो भजन लिरिक्स।।
Tum Prem Ho Tum Preet Ho Bhajan Iyrics
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो ,
मेरी बांसुरी का गीत हो।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो।
मन मीत हो मेरी राधे।
हु मैं यहाँ तुम हो वहा राधा,
तुम बिन नही है कुछ यहा।
मुझमे धडकती हो तुम्ही ,
तुम दूर मुझसे हो कहा।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो ,
मेरी बांसुरी का गीत हो।
परमात्मा का स्पर्श हो ,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो।
तुम हो समपर्ण का शिखर ,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो ,
मेरी बांसुरी का गीत हो।
हु मैं यहाँ तुम हो वहा राधा,
तुम बिन नही है कुछ यहाँ।
मुझमे धडकती हो तुम्ही ,
तुम दूर मुझसे हो कहा।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो ,
मेरी बांसुरी का गीत हो।
परमात्मा का स्पर्श हो ,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो।
तुम हो समपर्ण का शिखर ,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो ,
मेरी बांसुरी का गीत हो।