Ratna Sansar: प्राचीन ग्रंथों के अनुसार रत्नों (Gemstones) और उपरत्नों की संख्या 84 मानी गई है, लेकिन सभी रत्नों में से केवल नौ रत्न ही ऐसे हैं जिन्हें नवरत्न की संज्ञा दी गई है।
Ratna Sansar: प्राचीन ग्रंथों के अनुसार रत्नों (Gemstones) और उपरत्नों की संख्या 84 मानी गई है, लेकिन सभी रत्नों में से केवल नौ रत्न ही ऐसे हैं जिन्हें नवरत्न की संज्ञा दी गई है, जैसे: माणिक, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद, लहसुनिया इन नवरत्नों के अलावा जितने भी रत्न है उन्हें उपरत्न माना गया हैं। रत्नों का इंसान के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। प्राचीन काल से ही रत्नों के प्रभाव के विषय में मनुष्य के मन में जिज्ञासा रही है कि रत्न कि उत्पत्ति कैसे हुई एवं रत्नों का मनुष्य जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है। विभिन्न पुराणों तथा ग्रंथो में अनेक प्रकार के वर्णन है इसमें पौराणिक धार्मिक आधार है तथा दूसरा वैज्ञानिक आधार है। पौराणिक धार्मिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने जब राजा बलि से तीन पग धरती (पृथ्वी) का दान लिया तब तीसरा चरण राजा बलि के शरीर पर रखा जिससे राजा बलि का पूरा शरीर रत्न-मय हो गया। इसके उपरांत राजा इन्द्र ने बलि के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। माना जाता है कि रत्नों की उत्पत्ति राजा बलि के शरीर के इन्हीं टुकड़ों से हुई थी। रत्नों की अपनी ही दुनिया होती है, कुछ रत्न ऐसे होते हैं जो ग्रह दोषों को खत्म कर देते हैं और कुछ रत्न पहनने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं ऐसे रत्नों के बारे में जो व्यक्ति को धनवान बनाते हैं।
ये रत्न बनाते हैं मालामाल
नीलम रत्न (Neelam Ratn)
रत्नशास्त्र के अनुसार नीलम रत्न का संबंध शनि ग्रह से होता है। शनिदेव का मनपसंद रत्न नीलम को हर कोई व्यक्ति ऐसे ही नहीं पहन सकता। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीलम जब किसी व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम देता है तो कुछ ही दिनों में उस व्यक्ति को सुख, धन और ऐश्वर्य से परिपूर्ण कर देता है। नीलम धारण करने वालों के लिए अनुकूल एवं शुभ होते ही शुभ फल देने लगता है। सबसे पहले तो स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी चल रही है तो उससे राहत मिलनी शुरू हो जाती है। यदि नीलम शुभ हो तो इसे धारण करने वाले व्यक्ति को आर्थिक लाभ मिलता है और नौकरी तथा व्यवसाय में उन्नति के संकेत भी मिलने लगते हैं। यदि कुंडली में शनि की महादशा विपरीत चल रही हो तो उस व्यक्ति के लिए नीलम अत्यंत शुभ होता है। नीलम पहनते ही कमजोर शनि का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। टाइगर रत्न (Tiger Gemstone)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न शास्त्र में टाइगर रत्न को सबसे प्रभावशाली माना जाता है। यह पीले रंग का धारीदार रत्न होता है। इसकी संरचना और प्रभाव के कारण इस रत्न को टाइगर रत्न कहा जाता है। यह रत्न आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी करता है और जीवन में सफलता दिलाने में सहायक होता है। ऐसा माना जाता है कि टाइगर रत्न पहनने से सौभाग्य आता है और आपकी सभी व्यक्तिगत और वित्तीय समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही करियर में बेशुमार तरक्की भी दिलाता है। जेड स्टोन (Jade Stone)
रत्न शास्त्र के अनुसार व्यापार करने वालों के लिए हरे रंग का जेड रत्न धारण करना शुभ होता है। यदि कोई व्यक्ति नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहा है तो उसे हरे रंग का जेड स्टोन धारण करना चाहिए। यह रत्न काम के प्रति एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है और आर्थिक मजबूती भी प्रदान करता है। यह रत्न धन और समृद्धि के लिए भी सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही नौकरी और बिजनेस में तरक्की के लिए हरे रंग का जेड स्टोन पहनना बहुत फायदेमंद होता है। यह पदोन्नति-सम्मान और पैसा सब कुछ दिलाता है। पन्ना रत्न (Panna Ratn)
पन्ना रत्न धारण करने से बुद्धि तीव्र होती है और किसी भी कार्य की अनिश्चितता निश्चितता में बदल जाती है। रत्न शास्त्र के अनुसार जिस घर में पन्ना होता है उस घर में धन की वृद्धि होती है। व्यापारियों को पन्ना पहनने से लाभ होता है। इसे धारण करने से स्मरण शक्ति तेज होती है। पन्ना धारण करने वाले व्यक्ति के लिए करियर में उन्नति और आर्थिक लाभ के लिए भी पन्ना उपयोगी होता है। पन्ना धारण करते समय व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसे पन्ना के साथ मोती, मूंगा और पुखराज जैसे रत्न नहीं पहनने चाहिए, अन्यथा यह प्रतिकूल परिणाम देगा।