Lal Dhage ke Upay: अक्सर आपने देखा होगा कि किसी भी शुभ कार्य या पूजा कथा आदि में लाल रंग का धागा या कलावा बांधा जाता है। कलावा तीन धागों से बनता है। आमतौर पर यह कपास से बना होता है।
Lal Dhage ke Upay: अक्सर आपने देखा होगा कि किसी भी शुभ कार्य या पूजा कथा आदि में लाल रंग का धागा या कलावा बांधा जाता है। कलावा तीन धागों से बनता है। आमतौर पर यह कपास से बना होता है। हालाँकि यह मुख्य रूप से लाल होता है, इसमें पीले और हरे या सफेद धागे भी होते हैं। ये तीन धागे तीन शक्तियों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार लाल रंग का धागा शुभ माना जाता है। लाल किताब के उपायों में लाल धागा पहनने के कई फायदे भी बताए गए हैं। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र में यह भी जानकारी दी गई है कि किन राशियों के लोगों को लाल रंग का धागा नहीं पहनना चाहिए। आइए जानते हैं लाल रंग का धागा या कलावा पहनने से क्या फायदे होते हैं और किन राशि के लोगों को इसे पहनने से बचना चाहिए। लाल धागा पहनने के लाभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार हाथ में कलावा या लाल धागा बांधने से मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।
साथ ही हनुमान जी की कृपा भी प्राप्त होती है।
मंगल का रंग लाल है इसलिए लाल रंग पहनने से कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत होती है।
लाल रंग का धागा पहनने से आपको आर्थिक लाभ भी मिलता है। किन राशि के जातकों को लाल धागा बांधना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, सिंह और वृश्चिक राशि के लोगों को लाल धागा या कलावा बांधना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस राशि के जातकों को लाल धागा बांधने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। दरअसल, मंगल और सूर्य देव को लाल रंग प्रिय है इसलिए इन राशियों का स्वामी होने के कारण इनके लिए लाल रंग का धागा शुभ होता है। किन राशि के जातकों को लाल धागा नहीं बांधना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। शनिदेव को लाल रंग पसंद नहीं है। यही कारण है कि शनिवार के दिन शनिदेव को काले तिल का दान किया जाता है। ऐसे में इन दो राशियों के लोगों को लाल धागा या लाल रंग का कलावा नहीं पहनना चाहिए। इसके अलावा मीन राशि वालों को लाल रंग का धागा भी नहीं पहनना चाहिए। लाल रंग का धागा इस दिन बाँधें
मंगलवार के दिन लाल रंग का धागा पहनना चाहिए। कलावा बांधने से ब्रह्मा जी की कृपा से प्रसिद्धि, भगवान विष्णु की कृपा से रक्षा शक्ति और भगवान शिव की कृपा से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही देवी लक्ष्मी की कृपा से धन, देवी दुर्गा की कृपा से शक्ति और देवी सरस्वती की कृपा से बुद्धि की प्राप्ति होती है।