हिंदू धर्मग्रंथों में ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या (Jyeshtha Adhik Maas Amavasya) को आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से एक महासंयोग माना गया है। सनातन परंपरा में प्रत्येक अमावस्या महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जब यह अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आती है, तो इसका फल अनंत गुना बढ़ जाता है.वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 15 जून, सोमवार को पड़ रही है, जिससे सोमवार का योग होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या का महासंयोग भी मिला है.इस विशेष अमावस्या के प्रमुख महत्व और धार्मिक पहलू निम्नलिखित हैं:
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